जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन द्वारा महेंद्रगढ़ जिले के गांवों व शहरों में पेयजल की बर्बादी को रोकने के लिए चलाए जा रहे जन जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को जिले में 6 टीमों द्वारा कुल 205 नल कनेक्शनों का निरीक्षण किया गया।
गांव गुवानी में जेई एनपी रंगा और बीआरसी धमेंद्र की टीम ने 16 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे, जो खुले में जल बहा रहे थे या खेती की सिंचाई कर रहे थे। जेई रंगा के अनुसार, गुवानी गांव में 15 से 20 अन्य अवैध कनेक्शन भी चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें शीघ्र ही टीम भेजकर हटाया जाएगा। जेई अक्षय और बीआरसी अशोक कुमार के नेतृत्व में टीम ने घाटासेर रोड पर जेसीबी की सहायता से मुख्य पाइपलाइन से जुड़े 14 अवैध कनेक्शन काटे गए।
जिला सलाहकार मंगतु राम सरसवा ने बताया कि जिन होटलों व रेस्टोरेंट के मालिकों के कमर्शियल पेयजल कनेक्शनों के बिल बकाया हैं, उन्हें विभाग की ओर से दो दिन का समय दिया गया है। इसके उपरांत, यदि बिल का भुगतान नहीं किया गया तो विभाग को मजबूरन उनका कनेक्शन काटना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, जिन उपभोक्ताओं ने मुख्य पाइपलाइन से अवैध रूप से कनेक्शन ले रखे हैं, उनकी सूची भी तैयार की जा रही है। जो लोग पेयजल का उपयोग खेती-बाड़ी की सिंचाई के लिए कर रहे हैं, उनके कनेक्शन टीम द्वारा बिना किसी पूर्व नोटिस के काटे जा रहे हैं।
अटेली खंड के उनिंदा, नांगल चौधरी के भोजावास, कनीना के पड़तल, तथा नारनौल के सेका गांव में भी टीमों ने पेयजल कनेक्शनों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर जेई एनपी रंगा, जेई अक्षय कुमार, जेई नरेश कुमार, जेई संजय कुमार, बीआरसी अशोक कुमार, बीआरसी धर्मेन्द्र, बीआरसी विक्रम सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।