महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ व कनीना क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम आए अंधड़ के कारण 238 खंभे टूटने से करीब 40 से अधिक गांवों में 24 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। महेंद्रगढ़ डिविजन में 50, कनीना में 118 तथा बुचावास डिविजन में 70 खंभों के टूटने से शुक्रवार शाम चार बजे के बाद से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है।
कई स्थानों पर पेड़ टूटकर बिजली लाइनों पर गिरने से लाइनें टूट गईं। बिजली निगम की टीमें शनिवार सुबह से ही खंभों को बदलने में जुट गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शाम पांच बजे तक भी बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई। वहीं, अंधड़ के कारण गांव बवाना में किए किसान की टिन शेड उखड़कर करीब 500 मीटर दूरी पर जा गिरी। वहीं गांवों में ही पोल टूटकर गिरने से एक किसान का ट्रैक्टर भी क्षतिग्रस्त हो गया।
- इन गांवों की बिजली आपूर्ति रही ठप
महेंद्रगढ़ क्षेत्र में लावन, मालड़ा बवाना, सेहलंग, जाट, भुरजट, पाली सहित करीब दस गांवों में 50 से अधिक खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति ठप है। बुचावास डिविजन धनौंदा पावर हाउस से पाथेड़ा तक जाने वाली 11 हजार केवी की लाइन के सात खंभे टूटने से क्षेत्र के गांव अगिहार, पाथेड़ा, बुचावास, कैमला, खेड़ी-तलवाना, धनौंदा, झाड़ली, छिथरोली सहित दस से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति पिछले 24 घंटे से प्रभावित है। कनीना डिविजन में भी आंधी से 118 खंभे टूट गए। इससे क्षेत्र के करीब 20 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई।।
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निगम की दस से अधिक टीमें रात से ही जुटीं व्यवस्था सुधारने में :
तेज अंधड़ के बाद इतने खंभों के टूटने के बाद बिजली निगम की ओर से शुक्रवार रात से ही भागदौड़ शुरू कर दी। निगम की दस से अधिक टीमें शनिवार सुबह से जुटी हुई हैं। जिन 11 हजार केवी की लाइनों के अधिक पोल टूट गए हैं उन्हें अन्य लाइनों से जोड़कर आपूर्ति बहाल किए जाने के प्रयास शुरू कर दिए। इनमें से करीब 10 गांवों में शाम चार बजे तक आपूर्ति बहाल कर दी गई लेकिन करीब 30 से अधिक गांवों में शाम पांच बजे तक भी आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी।
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बुचावास डिविजन में शुक्रवार देर शाम आई आंधी से करीब 70 खंभे टूट गए हैं। शुक्रवार रात से ही कर्मचारियों की टीमें बिजली लाइनों की आपूर्ति बहाल करने में जुटी हुई हैं। कई गांवों की लाइनों को बदलकर आपूर्ति शुरू कर दी है। जिन लाइनों पर अधिक नुकसान हुआ है वहां टीमें युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। जल्द ही बिजली आपूर्ति सुचारू करने के वैकल्पिक लाइनों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- अरुण कुमार, उपमंडल अधिकारी, बिजली निगम बुचावास डिविजन।