जिलास्तरीय रफ्तार प्रतियोगिता का आयोजन बहुत जोश और उत्साह के साथ किया गया। प्रतियोगिता जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष सांवरिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। एफएलएन (मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता) जिला समन्वयक डॉ विक्रम सिंह के निरीक्षण में आयोजित इस प्रतियोगिता में जिला महेंद्रगढ़ के पांचों खंडों से 225 प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों और 25 प्राथमिक अध्यापकों ने हिस्सा लिया।
डॉ. दीपेंद्र चौहान प्राचार्य मांदी ने इस अवसर पर प्राथमिक अध्यापकों को और अधिक मेहनत करने का संदेश दिया। प्रत्येक खंड से विजेता विद्यार्थियों एवं अध्यापकों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कक्षा एक से पांच के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपने भाषा कौशल को प्रस्तुत किया। एफएलएन जिला समन्वयक डॉ. विक्रम सिंह ने प्राथमिक शिक्षा में भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला और भावों को अभिव्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम भाषा को ही बताया। इस प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल डॉ. पंकज गौड़, डॉ. नरेश कुमार, कुसुम लता, डॉ. छतर सिंह, सरिता, बाबूलाल, डॉ. महिपाल, राकेश कुमार, सुमन लता, राजपाल, हवा सिंह, सुनीता, नित्यानंद, राजेश कुमार, सुषमा, राकेश अग्रवाल, पंकज यादव व निवेदिता रहे।
प्रतियोगिता में कक्षा प्रथम में तितिक्षा राजकीय प्राथमिक विद्यालय खड़खड़ी प्रथम, रिद्धि राजकीय प्राथमिक विद्यालय खड़खड़ी द्वितीय, जतिन राजकीय प्राथमिक विद्यालय खोड तृतीय स्थान पर रहे। कक्षा 2 में हिमांशु राप्रावि फतनी प्रथम, प्रांशी राप्रावि पोता द्वितीय, गरिमा राप्रावि जाट गुआना तृतीय स्थान पर रहे। कक्षा तीन में प्रियांशु राप्रावि चिंडालिया प्रथम, भूमि रा माप्रावि महेंद्रगढ़ द्वितीय, देव राकप्रा विद्यालय डोहर कलां तृतीय स्थान पर रहे। कक्षा 4 में पहर राप्रावि श्योपुरा प्रथम, आर्यन राप्रावि पोता द्वितीय, साक्ष्य राप्रावि श्योपुरा तृतीय स्थान पर रहे। कक्षा 5 में प्रतिज्ञा राप्रावि ढाणी उनींदा प्रथम, प्रियसी राप्रावि ककराला द्वितीय, रक्षा राप्रावि दुलोठ अहीर तृतीय स्थान पर रहे। अध्यापकों में खुश लक्ष्मी राप्रावि पायगा प्रथम, जितेंद्र सिंह राप्रावि गादड़वास द्वितीय एवं मनोज कुमार राप्रावि ढाणी बंधावाली तृतीय स्थान पर रहे।
सभी प्रतिभागियों को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष सांभरिया, प्राचार्य डॉ. दीपेंद्र चौहान व एफएलएन जिला समन्वयक डॉ. विक्रम सिंह ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।