अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़/नारनौल। मंडी के आढ़तियों ने हैंडलिंग एजेंट बनने से इनकार कर दिया। जिसके बाद पांचवें दिन सोमवार को हैफेड ने सीधी खरीद शुरू की। फिलहाल अनाज मंडी में फड़ पर ही खरीद शुरू की गई है। महेंद्रगढ़ मंडी में सोमवार को 372 बैग सरसों खरीदी। जबकि नारनौल मंडी में गिरदावरी की शर्त के बाद डीसी ने पांच पटवारियों की ड्यूटी मंडी में लगा दी है। शेड्यूल के अनुसार पटवारी मंडी में उपलब्ध रहेंगे। मौके पर ही किसानों को गिरदावरी देंगे।
अनाज मंडी के आढ़तियों ने सोमवार को एक बार फिर से अनाज मंडी स्थित मंदिर में बैठक की। बैठक में मार्केट कमेटी चेयरमैन डालू सिंह भी शामिल हुए। जिसमें आढ़तियों ने सरकार की ओर से दिए जा रहे 40 रुपये प्रति क्विंटल के कमीशन को कम बताया। आढ़तियों ने कहा कि एक क्विंटल सरसों पर 40 रुपये से अधिक का खर्च आएगा। आढ़ती को एक क्विंटल पर 45 रुपये तक का खर्च आएगा। सरकार आढ़तियों को पिछले साल की तरह से एक प्रतिशत कमीशन दे। अनाज मंडी के प्रधान जगराम गुप्ता ने कहा कि सरकार की ओर से व्यापारियों को पूरा पैसा नहीं दिया जाएगा तो खरीद कैसे करेंगे। सोमवार को 14 किसानों ने टोकन कटवाए। दोपहर बाद तक किसान बोली का इंतजार करते रहे। शाम करीब चार बजे बाद मंडी में हैफेड ने सीधे तौर पर खरीद शुरू कराई।
किसानों को नहीं मिली जगह
मालड़ा निवासी सूरत सिंह, दिनेश, रोहताश, नवीन, धनपत, धर्मेंद्र, पंकज, गौतम, हनु, दयाराम, छोटेलाल, अभय सिंह पाल, धनाराम, वेदप्रकाश सहित अन्य किसानों ने बताया कि सुबह 8 बजे आ गए थे। दोपहर बाद टोकन मिला। अब शाम को सरसों डालने के लिए जगह नहीं मिली।
नमी के कारण रिजेक्ट
शाम करीब पांच बजे हैफेड के अधिकारियों ने सरसों में नमी को नापा, जिसमें छह किसानों की सरसों में अधिक नमी मिलने के कारण उसे रिजेक्ट कर दिया। अन्य किसानों की सरसों की खरीद की गई। हैफेड के अधिकारियों ने सोमवार को अस्थायी कर्मियों की मदद से फसल की तुलाई कराई।
गिरदवारी की रिपोर्ट ऑनलाइन के साथ मैनुअल हुई जरूरी, किसानों ने की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सरसों खरीद के पांचवें दिन हैफेड ने किसानों को नए निर्देश दिए कि वे अपनी फसल की गिरदावरी की रिपोर्ट ऑनलाइन प्रति की बजाय पटवारी से मैनुअल लिखवाकर लाए। इसके बाद ही सरसों की खरीद की जाएगी। किसानों ने इसकी शिकायत मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी से की। चेयरमैन ने मामले की जानकारी डीसी डॉ. गरिमा मित्तल को दी। डीसी ने मंडी में नायब तहसीलदार रामचंद को मौके पर भेजा और पांच पटवारियों की ड्यूटी मंडी में लगाई।
सरसों लेकर आने वाले किसानों का कहना है कि ऑनलाइन गिरदावरी की प्रति के कॉलम में स्पष्ट रूप से वेरिफाइड बाई पटवारी लिखा हुआ है तो फिर हैफेड द्वारा गिरदावरी मैनुअल रूप में क्यों मांगी जा रही है। पांचों पटवारी सरसों लेकर आने वाले विभिन्न गांवों के शेड्यूल के हिसाब से बैठाए गए हैं। सोमवार को नारनौल मंडी से 124 टोकन कटे। कमेटी के चेयरमैन के अनुुसार करीब 1500 क्विंटल सरसों की खरीद हुई। हैफेड के डीएम देशराज यादव ने बताया कि नैफेड के नए आदेशों के बाद ही ऐसा किया जा रहा है। यह आदेश पहले भी थे। जिनकी सरसों पहले खरीदी जा चुकी है उन्हें गिरदावरी जमा करानी होगी। तभी पैसा जारी होगा। बता दें इसी बात को लेकर दो दिन पहले किसानों ने मंडी का गेट बंद कर दिया था। इसके बाद गिरदावरी नहीं मांगी जा रही थी।
तीन हजार बैग खरीदे
नांगल चौधरी। नांगल चौधरी अनाज मंडी सोमवार को 3000 सरसों के बैगों की खरीद की गई। कुछ किसानों नाम सही होने के बावजूद कंप्यूटर में नाम पेंडिंग होने की समस्या आई। व्यापार मंडल के प्रधान मोतीलाल सेठ ने बताया कि सोमवार से हैफेड की ओर से उठान का कार्य भी शुरू हो गया है। सोमवार को 4000 सरसों के बैग उठाए गए है।
एडीसी ने अटेली मंडी का लिया जायजा
मंडी अटेली। सरकारी रेट पर चल रही सरसों की खरीद को देखने के लिए एडीसी बिक्रम सिंह अटेली मंडी में पहुंचे। उन्होंने मंडी का जायजा लिया। मंडी में पानी आदि सुविधाओं को देखा तथा किसानों से मिलकर समस्या जानी। एडीसी के साथ तहसीलदार सुरेश कुमार, नायब तहसीलदार दलबीर दुगल, हैफेड से अमरजीत, सचिव नरेंद्र सिंह समेत अन्य शामिल रहे। एडीसी ने किसानों ने गिरदावरी का मामला उठाया। मंडी में 51 किसानों के 1958 बैग सरसों खरीद की गई है।