अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
मंत्री जी, भाजपा कार्यकर्ता बेवजह मुझ पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि शिकायतकर्ता उक्त योजना के लिए पात्र नहीं है। यह बात गांव सिसोठ के एक मामले में सोमवार को नारनौल के सभागार में आयोजित जनपरिवेदना समिति की बैठक में जन सुनवाई के लिए लगाई शिकायत की सुनवाई के दौरान ग्राम सचिव सुरेंद्र सिंह ने उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री विपुल गोयल के सामने रखी। उक्त शिकायत की सुनवाई के दौरान भाजपा कार्यकर्ता ने फरियादी की बात का समर्थन करते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों पर ही आरोप जड़ दिए। जिस पर ग्राम सचिव सुरेंद्र सिंह ने मंत्री के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं नाजायज दबाव बनाने की बात कह डाली।
मामला पेचीदा होता देख मंत्री ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर सप्ताह तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कहकर मामले को शांत करवाया। वहीं, गांव चांगरोड के दयानंद यादव पुत्र खेमचंद के मामले में मंत्री विपुल गोयल ने जांच अधिकारी द्वारा जांच में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक को उक्त जांच अधिकारी को सस्पेंड करने की बात कही, परंतु बाद में पुलिस अधिकारियों ने अपना पक्ष रखते हुए मामला संभाल लिया।
इसके अलावा मंत्री ने गांव सीहमा के सुमेर सिंह पुत्र उमराव सिंह की शिकायत पर जांच में देरी करने व कोताही बरतने पर संबंधित पुलिस कर्मचारी के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को जांच करके विभागीय कार्यवाही के निर्देश दिए। इसमें पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। वहीं, गांव बवाना की सुनीता देवी के मामले में मंत्री ने उपायुक्त व अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़िता के परिवार के सदस्य की मौत करंट लगने से हुई है। इसको विशेष मामला बनाकर उपायुक्त के माध्यम से मार्केटिंग बोर्ड से पांच लाख का मुआवजा दिलवाने की कार्यवाही करें। इसके अलावा राताकलां निवासी शेरसिंह के मामले में मंत्री ने एक कमेटी बनाकर रेवेन्यू विभाग अधिकारियों के माध्यम से शिकायतकर्ता के प्लॉट की दोबारा निशानदेही करवाने के निर्देश दिए। जबकि गांव सुंदरह के सुरेंद्र पुत्र बिसंभर दयाल की शिकायत के मामले में मंत्री विपुल गोयल ने पुलिस अधीक्षक को एसआईटी गठित कर आगामी बैठक तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने की कही।
जनपरिवेदना में कुल 14 शिकायतें रखी
जनपरिवेदना की बैठक में कुल 14 शिकायतें रखी गई। इनमें सबसे अधिक पुलिस से संबंधी शिकायत सामने आई। वहीं, कुछ शिकायतें जमीनी कब्जे से संबंधित रखी गई। एक-दो शिकायत पारिवारिक होने के कारण मंत्री ने उन्हें आपस में सुलझाने की बात कही। उक्त शिकायतों के बाद करीब 40 लोगों की शिकायतें भी ली गई। जिनके समाधान के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
बैठक में कई बार हुआ माइक खराब
बैठक में कुछ समय बाद मंत्री के हाथों में दिया गया माइक खराब हो गया। माइक की खराबी के चलते कई बार बैठक की कार्रवाई कुछ क्षण रोकी भी गई। बार-बार माइक में आ रही दिक्कत को देखते हुए उपायुक्त ने मंच से ही डीआईपीआरओ अधिकारी को बुलाया और उन्हें माइक सही करवाने की बात कही। इसके बाद मंत्री को दूसरा माइक दिया गया।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस बैठक में विधायक नारनौल ओमप्रकाश यादव, नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह, व्यापार कल्याण बोर्ड के चेयरमैन गोपाल शरण गर्ग, उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल, नारनौल पुलिस अधीक्षक की गैरमौजूदगी में रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल, एडीसी महावीर प्रसाद, एसडीएम जगदीश शर्मा, बीजेपी के जिला प्रधान शिवकुमार मेहता, मनीष मित्तल, सत्यवृत शास्त्री, विजय सांगवान, कंवर सिंह के अलावा अन्य समिति के सदस्य मौजूद थे।