अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़।
माधोगढ़ किले का नक्शा हिंदुस्तान के उन वास्तुकारों से बनवाया जाएगा, जिनको पुरानी धरोहर को विकसित करने की महारत हासिल है। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी विजयवर्द्धन सिंह ने कहा कि लाल किला, अजंता और एलोरा गुफाओं को विकसित करने के लिए हिंदुस्तान के बड़े-बड़े वास्तुकारों का ही योगदान रहा। उसी प्रकार माधोगढ़ किले के जीर्णोद्धार के लिए हिंदुस्तान के बड़े-बड़े वास्तुकारों से नक्शा बनवाया जाएगा। इसके लिए तीन या चार सप्ताह में टेंडर लगा दिए जाएंगे। ये टेंडर नेशनल या ग्लोबल भी हो सकते हैं। इसमें उनकी कुछ वास्तुकारों से बातचीत भी चल रही है, उनसे इनपुट भी लिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वास्तुकार तकनीकी सलाहकार के रूप में पर्यटन विभाग की टीम के साथ रहेंगे और तकनीकी रूप से उन्हें सलाह देंगे। उन्होंने बताया कि किले का काम तो हरियाणा टूरिज्म विभाग ही देखेगा। उन्होंने बताया कि मैपिंग होने के बाद इसका एस्टिमेट बनाया जाएगा और उसके बाद टेंडर लगाए जाएंगे। टेंडर लगने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। इस प्रक्रिया में अभी छह से आठ महीने का समय लग सकता है। निर्माण कार्य शुरू हो जाने के बाद भी मरम्मत में ढाई साल का समय लग जाएगा। उन्होंने बताया कि 17वीं सदी के माधोगढ़ और महेंद्रगढ़ किले को फिर उसी रूप में विकसित कर दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस किले का निर्माण करीब 1700ई. में जयपुर के राजा माधोसिंह ने कराया था। यह क्षेत्र उनकी रियासत का हिस्सा हुआ करता था। वे जब कभी इस क्षेत्र में आते थे तो इस किले में ठहरते थे। किले में रानी महल बनाया गया था और उसमें स्नान के लिए बावड़ी बनाई गई थी, जिसमें 52 कमरानुमी कोठड़िया अब भी बनी हुई हैं। यह बावड़ी पहाड़ों के बीच बनी है, जिसमें बरसात का पानी इकठ्ठा होता था। बावड़ी के साथ ही पानी का छोटा झरना भी है।
20 करोड़ रुपये से विकसित किया जाएगा किले को:
बता दें कि शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने मंत्री पद की शपथ लेने के चार दिन बाद 30 अक्टूबर 2014 को माधोगढ़ किले पर गए थे। इस किले पर पर्यटन विभाग के सभी अधिकारी भी गए थे। उस दौरान उन्होंने इस किले के जीर्णोद्धार करने की घोषणा की थी। नौ अप्रैल 2016 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने महेंद्रगढ़ में आयोजित रैली के दौरान इसका शिलान्यास भी किया था। इसके बाद 2017 में प्रदेश सरकार ने अपने आम बजट में महेंद्रगढ़, नारनौल एवं रेवाड़ी की प्राचीन धरोहर के लिए 50 करोड़ का बजट रखा गया था। अभी किले की सड़क का कार्य चल रहा है।
केंद्र सरकार से चल रही है बात
केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत महेंद्रगढ़ व माधोगढ़ के प्राचीन और एतिहासिक किलों को पर्यटन के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। इस मामले में पर्यटन मंत्री राम बिलास शर्मा ने कि केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा से इस मामले में बातचीत भी चल रही है। अगर केंद्र सरकार को सहयोग मिला तो 100 करोड़ रुपये की राशि केंद्र सरकार एवं 50 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश सरकार द्वारा दी जाएगी। इससे महेंद्रगढ़, नारनौल एवं रेवाड़ी जिले के नौ पर्यटन केंद्र तैयार किए जाएंगे।