निष्पक्ष जांच कराने के लिए एसपी से ग्रामीण
नारनौल। गांव कुतबापुर के वाटर टैंक में 11 नवंबर को मिले दो बच्चे के शव मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर वीरवार को कुतबापुर, बड़कोदा व बड़गांव के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक से मिले।
पुलिस अधीक्षक कमलजीत गोयल ने ग्रामीणों को इस मामले में दूसरी जांच टीम गठित कर निष्पक्ष जांच करवाकर उचित कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया। एसपी से मिलने आए बीरेंद्र सिंह, सरताज सिंह, बाबूलाल, सतप्रकाश, रामसिंह, रोहताश सिंह, महेंद्र सिंह, राजकुमार, दलीप सिंह, रामपत, राजकपूर, सुरेश, दयानंद व ओमबीर आदि ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि 11 नवंबर को कुतबापुर के श्याम और नरबीर की हत्या कर शवों को वाटरटैंक में डाल दिया गया था। पुलिस ने आनन-फानन में दोनों शवों को वाटर टैंक से निकलवा कर बच्चों की मौत पानी में डूबने से हुई दर्शा कर पोस्टमार्टम करवा दिया था। जबकि दोनों शवों पर चोट के निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। जिनसे स्पष्ट पता चल रहा था कि दोनों बच्चों की हत्या कर वाटर टैंक में डाला गया था। बावजूद 1 महीना बीत जाने के बाद भी पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। वहीं पुलिस द्वारा बरती जा रही लापरवाही के चलते हत्यारों से पीड़ित परिवार को भी खतरा बना है। इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच करवा आरोपियों को गिरफ्तार करें, अन्यथा पीड़ित परिवार और ग्रामीण कोर्ट परिसर में धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों की मांग पर एसपी ने करीब 15 दिन पहले भी इस मामले में जांच के लिए पुलिस टीम का गठन किया था, लेकिन पुलिस टीम अभी तक किसी निष्पक्ष पर नहीं पहुंच पाई है। इसलिए पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को दूसरी टीम गठित कर मामले की जांच करवाने का भरोसा दिया है।