हादसे के बाद कोथल खुर्द की बेटियों ने छोड़ी पढ़ाई, बस नहीं चलने तक कॉलेज नहीं जाने की बात कही
फोटो संख्या: 33 से 37
प्रदीप शर्मा
महेंद्रगढ़। शिक्षा मंत्री जी बस कोणी म्हारी लाडो तो अनपढ़ ऐ रह ज्यांगी। जै म्हारे गाम में बस चला द्योगे तो पढ़ लेंगी। यह बात गांव कोथल खुर्द छात्राओं के परिजनों ने कही। शनिवार को नेशनल हाईवे पर हुए हादसे को लेकर गांव कोथल खुर्द की छात्राएं डरी हुई हैं। अब गांव की 25 छात्राओं ने बस के न चलने से कॉलेज जाना बंद कर दिया है। इससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। अमर उजाला ने गांव का दौरा कर इस बात की पड़ताल भी की। उस दौरान टीम को छात्राओं और उनके परिजनों ने अपनी मजबूरी बताई। मंगलवार को शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा गांव में मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे तो उन्होंने बस चलाने का आश्वासन भी दिया था। किंतु तीन दिन बाद अभी तक बस सेवा शुरू नहीं हो पाई है।
आपको बता दें कि शनिवार को नेशनल हाईवे पर बस ने ऑटो को टक्कर मार दी थी। इससे गांव कोथल खुर्द के तीन लोगों की मौत हो गई थी और 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मृतक में एक छात्र भी था जबकि तीन चार छात्राएं भी घायल हुई थीं। इस हादसे में घायल छात्राएं अस्पताल से घर आ चुकी हैं किंतु अब उन्होंने बस नहीं चलने तक कॉलेजों में जाने से मना कर दिया है। मौत को करीब से देखने के बाद अब उनके मन के अंदर डर पैदा हो गया है। वो ऑटो में बैठने से डरने लगी हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें अपनी जिंदगी से बहुत प्यार है। एक बार तो भगवान ने उनको जीवनदान दे दिया है किंतु अब वह गलती नहीं दोहराएंगी। अगर सरकार बस चलाती है तो आगे पढ़ाई करेंगी।
गांव से जाती हैं लगभग 25 छात्राएं
छात्राओं ने अमर उजाला टीम को बताया कि गांव में लगभग 25 छात्राएं कॉलेज और कोचिंग के लिए महेंद्रगढ़ जाती थीं। अभी छात्राओं ने कॉलेज और कोचिंग जाना बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि जब तक गांव में एक रोडवेज बस नहीं चलाई जाती तब तक वो कॉलेज नहीं जाएंगी। उन्होंने बताया कि अभी कॉलेज में रीअपीयर की परीक्षाएं चल रही हैं जिस कारण कुछ छात्राएं कॉलेज जाने को मजबूर हैं। वो भी अपने परिजनों के साथ बाइक पर जा रही हैं किंतु किसी अन्य साधन से नहीं जा रही है।
बस चलने से होगा सैकड़ों विद्यार्थियों को फायदा
महेंद्रगढ़ से सीहमा लगभग 20 किलोमीटर दर पड़ता है। इस रूट पर लगभग आठ गांव पड़ते हैं। इन गांवों के लगभग 100 विद्यार्थी महेंद्रगढ़ कोचिंग और कॉलेज में पढ़ने आते हैं। अगर परिवहन विभाग इस पर सही समय पर एक बस चला दें तो न केवल विद्यार्थियों को फायदा होगा बल्कि ग्रामीणों को भी इसका लाभ मिलेगा। ग्रामीणों ने बताया कि इस समय गांव से कोई साधन नहीं है। ग्रामीणों को भांडोर से साधन मिलता है जो गांव से 2 किलोमीटर पड़ता है। दोनों गांव के बीच सुनसान रास्ता है जहां पर युवती को अकेला या पैदल नहीं भेजा जा सकता।
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महेंद्रगढ़ पढ़ने जाने का गांव से कोई साधन नहीं है। गांव से शहर दस किलोमीटर दूर पड़ता है। साधन के अभाव में परेशानी होती थी। इसी कारण उन्हें मजबूरी वश ऑटो में जाना पड़ता था। मेरी प्रशासन से विनती है कि उनके गांव में एक बस चलाई जाए ताकि जो हमारे साथ हुआ है वो किसी अन्य के साथ न हो।
-मंजू, घायल छात्रा।
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मैं राजकीय महिला कॉलेज महेंद्रगढ़ में बीए फाइल में पढ़ती हूं। हादसे के दौरान मुझे भी चोटें लगी है। अगर सरकारी साधन चलाता रहता है तो उनके साथ ऐसी घटना नहीं होती। ऐसी गलती दोहराना नहीं चाहती, इसलिए हमने कॉलेज में जाना बंद कर दिया है। अगर सरकार ने बस नहीं चलाई तो पढ़ाई ही छोड़ दूंगी लेकिन ऑटो में पढ़ने के लिए नहीं जाऊं गी।
-सरस्वती, छात्रा।
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मैं राजकीय महिला कॉलेज में बीए फाइनल की छात्रा हूं। दुर्भाग्य से मैं भी उसी ऑटो में सवार थी जो हादसे का शिकार हुई। मुझे दिखने में दिक्कत हो रही है। किंतु अब मैं पढ़ने के लिए ऑटो या टैंपो में नहीं जाऊंगी। यदि सरकार ने बस चलाई तो पढ़ाई करूंगी नहीं तो मैं अपनी पढ़ाई अभी से छोड़ दूंगी, चाहे मेरी तीनों साल की खराब क्यों न हो जाए? मुझे अपनी जिंदगी प्यारी है।
-सत्यवती, छात्रा।
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मैं कॉलेज में पढ़ती हूं। पांच दिनों से कॉलेज नहीं जा रही हूूं। कॉलेज जाने के लिए कोई साधन नहीं है। गांव से भांडोर ऊंची दो किलोमीटर दूर पड़ता है। वहीं से उन्हें साधन मिलते हैं। एक ऑटो था वह भी सड़क हादसे का शिकार हो गया। वैसे भी ऑटो चलेंगे तो उसमें नहीं बैठूंगी। इस हादसे को हम भूल नहीं सकती। सरकार से हमारी एक ही मांग है वो जल्द से जल्द उनके लिए एक बस चला दे।
-आशा, छात्रा
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वर्जन
सड़क हादसे के बाद विद्यार्थियों के मन में डर पैदा हो गया है। वे कॉलेज नहीं जा रही हैं। उनका मानना है कि जब तक बस नहीं चलाई जाएगी वो पढ़ाई करने नहीं जाएंगी। मंगलवार को शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा गांव आए थे। उन्होंने आश्वासन दिया था कि कोथल खुर्द के लिए नई बस चलाई जाएगी। इसके लिए वे जीएम से मिलेंगे।
-परमजीत यादव, सरपंच गांव कोथल खुर्द।
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बस चलने की रिपोर्ट मेरे पास आ गई है। अभी चली है या नहीं चली है, इसकी पुष्टि कर ली जाएगी। यदि नहीं चली तो शुक्रवार से चल जाएगी।
-जिला उपायुक्त गरिमा मित्तल।