मोबाइल गेम की बजाय शारीरिक दक्षता वाले खेल खेलें बच्चे
फोटो नंबर तीन से आठ तक
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। ब्लू व्हेल गेम से हो रही मौतों के बाद अमर उजाला की ओर से इस गेम को न खेलने के लिए लोगों व विद्यार्थियों को जागरूक किया जा रहा है। अमर उजाला की पहल के बाद प्रदेश सरकार ने भी इसके प्रति सार्थक कदम उठाएं हैं। प्रदेश सरकार की ओर से अब अभिभावकों को जागरूकता के मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। इसी कड़ी में अमर उजाला की ओर से यहां के ढाणी किरारोद स्थित द्रोणाचार्य स्कूल के सभागार में शुक्रवार को एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें अध्यापकों ने अपने विचार रखे और बच्चों को इस खेल से दूर रहने के बारे में कहा।
यह गेम बहुत ही खतरनाक है। अभिभावकों को कड़ी नजर रखनी चाहिए। बच्चों को भी इससे दूर रहने की आवश्यकता है। बच्चे मोबाइल का प्रयोग न कर अपना समय पढ़ाई की तरफ लगाएं।
-धर्मपाल, अध्यापक
खेलने के लिए अनेक प्रकार के गेम हैं। बच्चों को कुश्ती कबड्डी जैसे गेमों की तरफ ध्यान देना चाहिए। मोबाइल पर आने वाले गेम बच्चों पर दुष्प्रभाव डालते हैं।
-अजय कुमार, प्रबंधक
ब्लू व्हेल जानलेवा गेम बनता जा रहा है। इसलिए इस गेम से बचने की आवश्यकता है। यदि इस प्रकार का गेम किसी बच्चे के पास मिलता है तो तुरंत उसके अभिभावक या अध्यापक को जानकारी दें।
-रोहताश कुमार, अध्यापक
इस गेम से बचने के लिए बच्चों को मोबाइल से दूर रखना चाहिए। समय-समय पर मोबाइल को भी चेक करते रहना चाहिए। अगर गेम मिले तो तुरंत उसको अनइंस्टाल कर देना चाहिए।
-नरेश कुमार, अध्यापक
अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों की सही देखभाल करें। इस प्रकार के गेम से बच्चों को भी दूर रहना चाहिए। यह विदेशी ताकतों की भी चाल हो सकती है, जो युवाओं को दिग्भ्रमित कर रही है।
-सुशीला देवी