अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। भले ही प्रदेश सरकार मरीजों को अच्छे स्वास्थ्य सेवा देना का दावा कर रही हो लेकिन हकीकत यह है कि स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के मरीजों को प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सही इलाज नहीं मिल रहा। ऐसा ही मामला महेंद्रगढ़ का सामने आया है। मोहल्ला भूरीवाल निवासी लगभग ढाई वर्षीय नमन कौशिक पुत्र पवन कौशिक छह जनवरी से बीमार है।
पवन ने बताया कि उसने पिछले शुक्रवार को अपने बेटे का भिवानी स्थित एक निजी अस्पताल में चेकअप करवाया था। बच्चे की बीमारी के लक्षण देखकर निजी अस्पताल के चिकित्सक ने सरकारी अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच करवाने की सलाह दी। डॉक्टर की सलाह पर उसने शुक्रवार को ही नमन की नागरिक अस्पताल भिवानी में स्वाइन फ्लू की जांच करवाई। रविवार 13 जनवरी को भिवानी अस्पताल की स्वाइन फ्लू की टीम ने उसको फोन पर सूचित किया कि नमन स्वाइन फ्लू से ग्रस्त है और उसे नजदीकी सरकारी अस्पताल में दाखिल करवा दें।
पवन के अनुसार वह अपने बेटे को तुरंत महेंद्रगढ़ के उप-नागरिक अस्पताल में लेकर गया। जहां आपातकालीन विभाग में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक को बच्चे को स्वाइन फ्लू होने के बारे में बताया, लेकिन चिकित्सक ने बच्चे को सुविधा का अभाव का हवाला देकर दाखिल करने से मना कर दिया।
अस्पताल में नहीं मिली खांसी बुखार की दवा
पिता पवन कौशिक ने बताया कि रविवार को वह सरकारी अस्पताल भिवानी पहुंचा तो वहां बच्चे को एडमिट करवाया गया। उसे दो घंटे तक खांसी की दवा का इंतजार करना पड़ा। अंत में निजी मेडिकल स्टोर से ही दवा लानी पड़ी। आरोप लगाया कि भिवानी अस्पताल में ऑक्सीजन के लिए सिलिंडर तो दे दिया, लेकिन मास्क नहीं आया। काफी देर बाद मास्क आया तो ऑक्सीजन लगाने के लिए कोई कर्मचारी नहीं आया। अस्पताल स्टाफ सदस्यों ने नेबुलाइजेशन मशीन दूसरे वार्ड से देखकर लाने के लिए उसको ही आदेश दे दिए। पीड़ित ने बताया कि अस्पताल में सुविधाओं का अभाव देखकर उसने बच्चे को रेफर करवाने का फैसला लिया। परंतु चिकित्सकों ने उसे रेफर करने से मना कर दिया। इसके बाद वह अपनी मर्जी से उसे दिल्ली के मैक्स अस्पताल में लेकर गया जहां पर नमन उपचाराधीन है।
अस्पताल ने बच्चे की रिपोर्ट भी नहीं दी
पवन ने आरोप लगाया कि जब उसे अस्पताल में सुविधाओं का अभाव लगा तो वह अपने बच्चे को रेफर करवाना चाहता था, लेकिन चिकित्सकों ने रेफर करने से मना कर दिया। जब वह अपनी मर्जी से नमन को लेकर जाने लगा तो चिकित्सकों ने बच्चे की सभी रिपोर्ट और फाइल देने से मना कर दिया।
मां में भी पाए गए स्वाइन फ्लू के लक्षण:
पवन कौशिक ने बताया कि नमन की मां बबीता को भी चिकित्सकों को दिखाया गया है। वह भी बीमार चल रही है। चिकित्सकों ने लक्षण देखकर उसे भी स्वाइन फ्लू बताया है। उसका (एच1एन1) टेस्ट करवाया गया है, जिसकी रिपोर्ट 48 घंटे बाद आएगी।
24 घंटे बाद जागा स्वास्थ्य विभाग
महेंद्रगढ़ स्वास्थ्य विभाग की 24 घंटे बाद आंखें खुली है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम महेंद्रगढ़ उनके आवास पर पहुंची। वहां पर उन्होंने घरवालों से बच्चों के बारे में पूछताछ की लेकिन बच्चे के दादा ने टीम को काफी खरी खोटी सुनाई।
वर्जन
मेेरे पास एक व्यक्ति आया था। उसने मुझसे पूछा था कि मरीज स्वाइन फ्लू पॉजीटिव है, लेकिन उसके साथ न तो मरीज था न ही उसके पास स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट थी। दस्तावेज और मरीज के बिना कुछ कहा नहीं जा सकता।
- नवीन अग्रवाल, एमओ।