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निजामपुर रूट पर समय से बसें न मिलने पर छात्र और ग्रामीण परेशान

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अमर उजाला ब्यूरो
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नारनौल। रोडवेज की ग्रामीण रात्रि बस ठहराव सेवा होने से सबसे अधिक प्रभावित छात्र हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें सुबह-शाम परेशानी उठानी पड़ रही है और निजी वाहनों से जान जोखिम में डालकर कॉलेज जाना पड़ रहा है। इसे लेकर निजामपुर क्षेत्र की छात्राएं समेत अन्य जीएम रोडवेज से मिलने शुक्रवार को नारनौल बस स्टैंड पहुंचे। हालांकि जीएम के न होने से दूसरे अधिकारियों से मिलकर बसें चलाने की मांग की।
मुसनौता और दनचौली की छात्राओं ने बताया कि उन्हें रोजाना नारनौल पढ़ने आना होता है। पहले सुबह सात बजे मिल गांव से मिल जाती थी। करीब 10 दिन से बस मिलने में परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि बस का अब कोई टाइम टेबल नहीं हैं। ऐसे में उन्हें रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। समय से कॉलेज न पहुंचने पर हाजिरी कम होने का डर रहता है।
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ग्रामीण सूबे सिंह, जगदीश चंद्र, मुकेश, राधे श्याम, ग्यासी लाल व सरपंच शेर सिंह ने बताया कि गांव बायल, पाचनोता, मुसनोता व नांगल दर्गु के ग्रामीणों को नारनौल जाने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, विद्यार्थियों को सुबह कॉलेज में समय पर पहुंचना होता है। इस रूट पर हरियाणा रोडवेज की बसें समय से न चलने के कारण परेशानियों उठानी पड़ रही है। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी लड़कियों को होती है। बसें न चलने के कारण छात्राओं को पढ़ाई से वंचित होना पड़ रहा है। इस रूप पर टैंपों चालक अपनी मनमर्जी से चलते है। लोगों को टैंपों में जान जोखिम में डालकर सफर तय करना पड़ रहा है। आईटीआई के छात्र राम किशन, अनूप, सुनील, प्रदीप, अजय, रोशन ने बताया कि उन्हें रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।

बस का पास किस काम का
निजामपुर क्षेत्र की छात्राओं ने कहा कि सरकार ने फ्री बस पास उपलब्ध कराया हुआ है, लेकिन जब बस सेवा नहीं है तो पास का क्या लाभ मिलेगा। बस स्टैंड नारनौल पहुंची अंजू, कल्पना, सरिता, प्रियंका, अनुराधा, मोनिका, पूनम, प्रियंका व अन्य छात्राओं ने बताया कि रोडवेज की बस सेवा बंद होने से 10 दिन से परेशानी बढ़ गई है। परीक्षाएं चल रही हैं और गांव से कॉलेज पहुंचने की टेंशन रहती है। कई बार तो निजी वाहन भी मौके से नहीं मिलते, ऐसे में अपने संसाधन से उन्हें कॉलेज आना पड़ता है। रोडवेज की बस नारनौल से मोखुता वाया कोरियावास, हसनपुर, मारौली, धानोता व दनचोली होकर मोखुता पहुंचती थी। अब हरियाणा रोडवेज बस बंद होने के कारण सारी व्यवस्था खराब हो गई।

सुबह 7:30 पर मिले बस
छात्राओं व छात्रों ने बताया कि गांव में सुबह बस मिले तो समय से कॉलेज आ सकते हैं। उन्होंने जीएम से सुबह 6:30 व 7:30 बजे चलाने की मांग की है। इसके अलावा शाम को सवा छह बजे बस गांव के लिए चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि रूट पर बसें अनियमित रूप से चल रही है।

रोडवेज को 24 परिचालक मिले
नारनौल डिपो में शुक्रवार को 24 नए परिचालकों ने ज्वाइन कर लिया है। जीएम रोडवेज राजीव नागपाल ने बताया कि डिपो में परिचालकों की कमी थी। अब 24 परिचालकों के आने से चालक-परिचालक बराबर हो गए हैं। इससे बस सेवा को बेहतर करने में सहूलियतें मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले परिचालक 218 और चालक 225 थे। जीएम ने बताया कि नए परिचालकों के आने से राहत मिलेगी। बता दें कि नारनौल रोडवेज डिपो में 141 बसें हैं, जिनमें से 131 ऑन रूट रहती हैं। ओवर टाइम बंद होने से रोडवेज को बसों के संचालन में परेशानी आ रही थी। ऐसे में मौन पावर बढ़ने से रोडवेज को राहत मिलेगी।
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वर्जन
छात्राओं की सुविधा के अनुसार रूट पर बसों का संचालन सोमवार से कराया जाएगा। इसके पहले भी छात्राओं की सहूलियतों को ध्यान में रखकर बसें संचालित की गई थी।
- राजीव नागपाल, जीएम नारनौल।
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