फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिन का पारा 21, रात का 7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा

विज्ञापन
विज्ञापन
महेंद्रगढ़/कनीना। पहाड़ों में सर्दी का असर मैदानी क्षेत्र में भी पड़ा है। दिनभर हाड़ कंपा देने वाली ठंड रही। सर्दी और शीत लहर की वजह से बाजारों में भी भीड़ कम रही। धुंध के कारण दिल्ली से महेंद्रगढ़ की ओर से आने वाली तीन गाड़ियां लगभग 3 घंटे देरी से आई थीं। शुक्रवार को धुंध अधिक होने के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिन में भी वाहन चालकों को हेडलाइट जलानी पड़ी। दोपहर 12 बजे सूर्य देव ने दर्शन दिए थे। उसके बाद बादल और सूरज के बीच आंख मिचौनी का खेल चलता रहा। इसके अलावा दिन में 14 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं चलीं और मौसम में 38 प्रतिशत आर्द्रता बनी रही। धुंध के कारण दृश्यता 30 मीटर रही। शुक्रवार को दिन का पारा 21 और रात का 07 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले तीन दिन से अधिकतम तापमान में 1 डिग्री की गिरावट आई है जबकि न्यूनतम तापमान 7 डिग्री चल रहा है। आने वाले दिनों में मौसम ऐसा ही रहने के आसार हैं।
विज्ञापन


ये ट्रेनें हुईं प्रभावित
शुक्रवार को कोहरे की वजह से महेंद्रगढ़ से गुजरने वाली तीन एक्सप्रेस ट्रेन प्रभावित हुईं। दिल्ली सराय रोहिल्ला से सीकर जाने वाली गाड़ी अपने निर्धारित समय से 2.45 घंटे देरी से आई। दिल्ली से भगत की कोठी का समय 9.30 बजे का समय है जो 11.30 बजे पहुंची। दिल्ली सराय रोहिल्ला से बीकानेर गाड़ी 11.00 बजे का समय है जो 13.45 बजे महेंद्रगढ़ पहुंची। ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

ओवर ब्रिज पर रही जाम की स्थिति
धुंध की वजह से दृश्यता कम होने की वजह से ओवर ब्रिज पर जाम की स्थिति रही। धुंध की दृश्यता कम रही जिस कारण वाहन रेंग कर चल रहे थे। इस कारण जाम बार-बार जाम लग रहा था। जाम की वजह से सुबह स्कूल बसें भी प्रभावित हुई।
विज्ञापन


मौसम परिवर्तन से फसलों को लाभ
एडीओ मनोज कुमार ने बताया कि हाल ही में बरसात से फसलों को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि रवि की फसल सर्दी को मानती हैं। इससे पूर्व मौसम फसलों के अनुकूल नहीं था लेकिन बरसात होने के बाद आए मौसम परिवर्तन से फसलों को लाभ हुआ है।

31 हजार हेक्टेयर भूमि पर की गई बिजाई
एडीओ डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि कनीना खंड में करीब 34 हजार हेक्टेयर भूमि में से 31 हजार हेक्टेयर भूमि पर रवि फसल की बिजाई की गई है। सर्वाधिक बिजाई सरसों फसल की गई है। उन्होंने बताया कि 19 हजार हेक्टेयर भूमि में सरसों, 9600 हेक्टेयर भूमि में गेहूं, 200 हेक्टेयर में जौ, 22 हेक्टेयर में चना, 40 हेक्टेयर में मटर, 900 हेक्टेयर में हरे चारे की बिजाई की गई है। अब तक फसलें सही खड़ी हैं। किसान फसल बिजाई के 21 दिन बाद कोरबा निकाले और सिंचाई के साथ-साथ खाद का छिडक़ाव किया भी किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें