युवाओं को बताए मनोविज्ञान और अध्यात्म के पहलू
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। न्यायिक परिसर में खुले पूर्व वैवाहिक परामर्श केंद्र में वीरवार को बालिग हो चुके 45 विद्यार्थियों के पहले बैच ने विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के समक्ष विवाह से संबंधित अपनी जिज्ञासाएं रखीं और इस संबंध में उनकी राय ली।
इस कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम विवेक यादव ने शादी के बाद महिला और पुरुष के कर्तव्य, अधिकार के साथ ही मनोविज्ञान के बारे में बताया। सुबह 9.30 से शाम चार बजे तक चले इस कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मनोविज्ञान एवं अध्यात्म के बारे में बताया गया। दूसरे सत्र में शादी एवं पारिवारिक जीवन पर आधुनिक युग में पड़ने वाले प्रभाव और उसके निदान की जानकारी दी। तीसरे सत्र में परिवार नियोजन, यौन रोग आदि के बारे में बताया गया। चौथे सत्र में हिंदू मैरिज एक्ट 1955, बाल विवाह निषेध एक्ट 2006, मैरिज पंजीकृत एक्ट, मध्यस्थता आदि की जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में मनोवैज्ञानिक डा. कुसुम यादव, स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. गगन सिंगला, सेवानिवृत्त जिला न्यायवादी बीडी यादव ने भी विचार रखे।
इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम विवेक यादव ने बताया कि जिला विधिक प्राधिकरण के पैरा लीगल वालंटियर, पैनल एडवोकेट तथा पारिवारिक परामर्शदाताओं ने अगस्त माह में राजकीय पीजी कालेज नारनौल व महेंद्रगढ़, राजकीय महिला कालेज नारनौल व महेंद्रगढ़, राजकीय कालेज अटेली, सूरज डिग्री कालेज बुचोली रोड महेंद्रगढ़, रोहताश डिग्री कालेज अटेली मंडी तथा आरपीएस डिग्री कालेज बलाना में कैंप लगाया था।