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200 में से 100 ही कर रहे सफाई, चरमराई व्यवस्था

Mon, 27 Jun 2016 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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kachra
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नारनौल। भले ही केंद्र और राज्य सरकार देश व प्रदेश में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रही है, मगर नारनौल शहर में सफाई व्यवस्था को देखकर तो यही कहा जा सकता है कि यहां हालात अभी सुधरे नहीं हैं। शहर की सफाई व्यवस्था बिल्कुल चरमराई हुई है। करीब एक लाख लोगों की आबादी वाले शहर के 25 वार्डों के अनेक मोहल्लों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। यही कारण है कि शहर में अनेक जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इनसे उठ रही दुर्गंध के कारण लोगों का हाल बेहाल है। वैसे तो शहर के साफ सफाई का जिम्मा 175 लोगों के हाथ है, मगर हकीकत में इनमें से केवल 100 लोग ही सफाई व्यवस्था में लगे हैं। यही सफाई व्यवस्था के बिगड़ने का मुख्य कारण माना जा रहा है।
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सफाई-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने हेतु भले ही नगर परिषद ने करीब एक लाख की आबादी वाले शहर को चार जोन में बांटा हुआ है, किंतु इसके बावजूद नगर में सफाई का बुरा हाल है। नगर परिषद नारनौल के अंतर्गत 25 वार्ड बने हुए हैं तथा इन 25 वार्डों को चार जोन में बांटा गया है। इन चार जोन में से तीन जोन की सफाई का कार्य 175 कर्मचारियों के जिम्मे है। इनमें से 125 कर्मचारी डेली वेजिज या ठेके पर हैं, जबकि 58 कर्मचारी नगर परिषद के स्थायी सफाई कर्मचारी हैं। इसके अलावा 20 सफाई कर्मचारियों को हाल ही में आउट सोर्सिंग के तहत लगाया गया है। इसके अलावा बारिश के मौसम को देखते हुए 30 कर्मचारियों को दो माह के लिए अस्थायी तौर पर लगाया गया है ताकि बरसात के सीजन में शहर की पानी निकासी की व्यवस्था ठीक प्रकार से की जा सके।
इनमें जोन नंबर एक में पक्के कर्मचारियों के अलावा जोन नंबर दो में 45 व जोन नंबर तीन में 41 व जोन नंबर चार में 43 कर्मचारी कार्यरत हैं। सफाई व्यवस्था ठीक रखने के लिए इतने कर्मचारी होने के बावजूद भी शहर में सफाई व्यवस्था लचर बनी हुई है तथा शहर में जगह-जगह पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
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ज्यादातर कर्मचारी अन्य कार्यों में रहते है व्यस्त
175 के करीब कर्मचारियों में से ज्यादातर कर्मचारी विभिन्न कार्यों में व्यस्त रहते हैं। इनमें से करीब 35 से अधिक कर्मचारी विभिन्न अधिकारियों की कोठियों पर ड्यूटी कर रहे हैं। वहीं 20 कर्मचारी शहर में कूड़ा उठाने के लिए चल रही पांच ट्रैक्टर ट्रालियों में लगे हुए हैं। इसके अलावा कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए छह टैंपुओं पर भी 12 कर्मचारी लगे हुए हैं। जबकि रिकार्ड के अनुसार कई कर्मचारी बुजुर्ग की श्रेणी में भी आते हैं। इनसे काम कम ही होता है। इस प्रकार 67 कर्मचारी विभिन्न जगहों पर काम कर रहे हैं। जबकि हर दिन एकाध कर्मचारी अवकाश पर भी रहते है। इस प्रकार सही रूप से केवल 100 कर्मचारी ही सही रूप में काम पर लगे हुए हैं।

नप ने मान रखी 80 हजार की आबादी
नगर परिषद ने शहर में 80 हजार की आबादी मानी हुई है। इसी के हिसाब से शहर में 175 सफाई कर्मचारी है। वहीं हकीकत देखी जाए तो शहर की जनसंख्या करीब एक लाख है। ऐसे में एक लाख की आबादी वाले शहर की सफाई व्यवस्था का सही ढंग से चलाने में दिक्कत आ रही है। इनमें से भी कई कर्मचारी रोजाना छुट्टी पर भी रहते हैं।

कूड़ा उठान के लिए लगे हैं पांच ट्रैक्टर व छह टैंपू
शहर में कूड़ा उठाने के लिए नगर परिषद द्वारा पांच ट्रैक्टर व छह टैंपू का इंतजाम किया गया है। इन टै्रक्टरों व टैंपू द्वारा प्रतिदिन शहर के बाजारों, विभिन्न मार्गों व गली मोहल्ला से कूड़ा उठाया जाता है।

कौन-कौन से वार्ड हैं जोनों में शामिल
सफाई कार्य के लिए पहले जोन में वार्ड नंबर एक, 20, 21, 22 व 23, दूसरे जोन में  वार्ड नं 16, 17, 18, 19 व 20 हैं। जोन नंबर तीन में वार्ड नंबर आठ, नौ, 10, 11, 12, 13, 14 व 15 को शामिल किया गया है। चौथे जोन में वार्ड नंबर दो, तीन, चार, पांच, छह व सात शामिल हैं। ये सभी पुराने वार्ड हैं।

शहर को साफ स्वच्छ रखना सभी का कर्तव्य है। लोगों को भी इसमें जागरूक होना होगा, नगर परिषद अगर सही ढंग से साफ सफाई करे तो शहर बिल्कुल साफ सुधरा दिखाई दे, मगर शहर की हालत इन दिनों काफी खराब बने हुए हैं। गली मोहल्लों से कूड़े का उठान नहीं हो रहा है। -ओमप्रकाश, मोहल्ला फ्रांसखाना

शहर में इन दिनों सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। शहर में कई जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। जिनका सही उठान नहीं होता। इससे आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी होती है। -राहुल, मोहल्ला रावका

हालांकि देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सफाई की तरफ बहुत ध्यान दे रहे हैं तथा लोगों को सफाई के प्रति प्रेरित भी कर रहे हैं। इसके बावजूद लोग व नगर परिषद के कर्मचारी शहर को गंदा करने में लगे हैं। -हेमंत, मोहल्ला खडख़ड़ी

उनके वार्ड में सफाई का बुरा हाल है। वहां पर लगा हुआ कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आता। इसके कारण वार्ड के सभी मोहल्लों में गंदगी फैली हुई है। इसके कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। -टेकचंद सैनी, मोहल्ला जमालपुर

शहर में सफाई प्रतिदिन की जा रही है। हर वार्ड से सफाई कर्मचारी सफाई कर रहा है। सफाई के साथ-साथ कूड़े उठाने का कार्य भी सही ढंग से चल रहा है, फिर भी कहीं कोई कमी रह गई तो उसे भी दूर किया जाएगा। हाल ही में 30 नए कर्मचारियों की भी भर्ती की गई है। -मोहन भारद्वाज, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद नारनौल
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