अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। शहर में पांच करोड़ की लागत से पांच वर्ष पहले बने चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा पार्क की हालत रख-रखाव न होने के कारण खस्ता हो गई है। इन पांच वर्षों के दौरान पार्क को मेंटेन रखने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
पार्क के झूले, जनरेटर, लोह की मेज, प्लास्टिक पाइप, अनेक जगह तो बिजली की नंगी तारे हादसे को निमंत्रण दे रही। पार्क में सुबह-शाम घूमने आने वाले लगभग एक हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पालिका प्रशासन इस समस्या से अवगत होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। नपा का कहना है कि पार्क की रिपेयरिंग के लिए छह लाख रुपये के टेंडर पास किए गए थे, जिसमें से पांच लाख रुपये पार्क की रिपेयरिंग में लगा दिए गए है।
शहर का एक मात्र चौधरी रणबीर सिंह हुड्डा पार्क का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 20 मई 2012 में किया था। पार्क को दस एकड़ भूमि में विदेशी घास और पौधो के साथ विकसीत किया गया था। पार्क मेें बच्चों के लिए झूले आदि भी लगाए गए थे। क्षेत्र के लोगों को सुबह और शाम के समय घूमने और योग करने का स्थान मिला था। अभी भी गर्मी के चलते लोग ठंडी हवा लेने और घूमने के लिए सुबह-शाम आते है लेकिन उन्हें असुविधाओं का सामना करना पड़ता है।
पार्क पर प्रति महीने खर्च होता है ढाई लाख
पार्क को मेंटेन रखने के लिए पालिका प्रशासन ने 10 अस्थायी कर्मचारी लगाए हुए है। इन कर्मचारियों के वेतन और अन्य खर्च लगभग ढाई लाख रुपये प्रति महीने होता है। इसके बाद भी पार्क का रख रखाव ठीक तरीके से नही हो पा रहा। पार्क की घास बड़ी-बड़ी हो गई इसके अलावा घास और पौधों मेें पानी देने वाले प्लास्टिक पाइप भी टूटे हुए है। अनेक जगह बिजली की नंगी तारे पड़ी हुई है।
दो वर्ष से फव्वारा सेट खराब
चौ. रणबीर सिंह हुड्डा पार्क की सुंदरता को बढ़ाने के लिए एक बड़ा फव्वारा सेट लगाया गया है। किंतु पार्क बनने केे बाद यह फव्वारा सेट बहुत कम चला है। गत दो वर्ष से फव्वारा और उसकी मोटर खराब पड़ी है। इसके अलावा पार्क के प्रवेश द्वार पर एक छोटा फव्वारा लगा हुआ है, उसकी भी मोटर खराब है।
वर्जन
छह लाख रुपये के टेंडर पास किए गए थे। इसमें से पांच लाख रुपये पार्क की मरम्मत कार्य में लगा दिए गए हैं।
- कृष्ण सैनी, जेई, नगरपालिका महेंद्रगढ़।