सरसों की सीधी खरीद के विरोध में व्यापारियों ने जलाया कृषि मंत्री का पुतला
नारनौल। अनाज मंडियों में सरसों की सीधी खरीद हैफेड के माध्यम से करवाने के निर्णय से व्यापारी और आढ़ती सड़कों पर उतर आए हैं। सरकार के इस निर्णय को व्यापारी विरोधी बताकर सरसों की खरीद मंडियों में आढ़तियों द्वारा ही करवाने की मांग कर रहे हैं। जिले के व्यापारियों ने रविवार को नारनौल शहर के महावीर चौक पर कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का पुतला फूंककर अपना रोष जताया। साथ ही सरसों अनाज मंडियों में व्यापारी व आढ़तियों के माध्यम से ही खरीद करवाने की मांग की। इस मौके पर व्यापारियों ने सरकार व प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांग को नहीं मानी गई तो वे सोमवार को जिले की सभी मंडियों पूर्ण रूप से बंद रखेंगे।
उल्लेखनीय है कि सरकार किसानों को लाभ पहुंचाने के मकसद से अबकी बार सरसों की खरीद सीधी हैफेड के माध्यम से 4000 रुपये के समर्थन मूल्य में करवा रही है। ताकि किसानों की उनकी फसल की लागत के हिसाब से कीमत मिल सके। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की सरसों की खरीद जिला की मंडियों में आढ़तियों के माध्यम से न खरीदे जाने के विरोध में जिले के व्यापारी रविवार को नारनौल की चितवन वाटिका में एकत्रित हुए। जहां से अपनी मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर के महावीर चौक पर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदेश के कृषि के मंत्री ओपी धनखड़ का पुतला फूंका साथ ही सरकार व प्रशासन ने मंडियों में सरसों की खरीद आढ़तियों द्वारा करवाने की मांग की।
व्यापारियों को बर्बाद करने पर तुली सरकार
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने कहा कि अगर सरकार 3500 रुपये प्रति क्विंटल भाव के समय किसानों की सरसों 4000 रुपये में खरीद सकती है, तो आढ़तियों को भी ढाई प्रतिशत कमीशन क्यों नहीं दे सकती है। जिला महेंद्रगढ़ की मुख्य फसल सरसों है और आढ़ती इसी पर निर्भर रहते हैं। इसी से उनके परिवार की रोजीरोटी चलती है। लेकिन सरकार की गलत नीतियां व्यापारी को बर्बाद करने पर तुली हुई। सरकार ने आढ़तियों की लाइसेंस की फीस भी 10 गुना कर दी है, इसके बावजूद सरकार हैफेड के माध्यम से सरसों की खरीद करवा रही है।
जलता हुआ पुतला व्यापारियों पर गिरा
अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए व्यापारी जब कृषि मंत्री का पुतला जलाने के लिए जैसे ही महावीर चौक पर पहुंचे। इस दौरान अपनी फोटो खिंचवाने के चक्कर में एक-दूसरे को पीछे कर आगे आने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान किसी ने पैट्रोल डाले हुए पुतले को आग लगा दी। एकदम से लगी आग के चलते पुतले को पकड़े हुए व्यक्ति ने भी उसे छोड़ दिया और वह भीड़ के बीच जा गिरा। आग लगा पुतला गिरते ही व्यापारियों भागने लगे।
सरकार के इस निर्णय के विरोध में सोमवार को जिले की सभी मंडियां बंद रहेगी। इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांग को नहीं माना तो आगामी रणनीति बनाकर आंदोलन किया जाएगा।
बद्री प्रसाद गर्ग, जिला प्रवक्ता, व्यापार मंडल
प्रदर्शन में आढ़तियों से अधिक संगठनों के लोग रहे शामिल
अनाज मंडियों में सरसों की खरीद आढ़तियों के माध्यम से करवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों में आढ़ती कम विभिन्न संगठन के लोग अधिक दिखाई दिए। जिनका सरसों की खरीद फरोख्त करने में दूर तक कोई संपर्क नहीं है। इन लोगों का इस्तेमाल केवल व्यापारी नेताओं ने भीड़ दिखाने के लिए किया गया।
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
इस रोष प्रदर्शन व्यापारी नेता बजरंग लाल अग्रवाल, गोबिंद राम मित्तल, किशन चौधरी एडवोकेट, बद्री प्रसाद गर्ग, नांगल चौधरी व्यापार मंडल के प्रधान मोतीलाल चौधरी, खाद्यान एसोसिएशन के प्रधान प्रहलाद यादव, विष्णु मित्तल, ओमप्रकाश यादव, कनीना व्यापार मंडल के प्रधान निरंजन लाल मित्तल, रवींद्र बंसल, महेंद्र बचीनीवाले, अटेली मंडी से श्यामलाल गर्ग, कैलाश चंद, रोशनलाल गर्ग, वैद्य किशन वशिष्ठ, महेंद्रगढ़ से आनंद गर्ग व मुकेश गुप्ता आदि सहित विभिन्न संगठनों के लोग भी मौजूद थे।