महेंद्रगढ़। सरसों की खरीद के 14 दिन बीत जाने के बाद भी फसलों के पैसे किसानों के खातों में नहीं आए हैं। किसान बैंकों और मार्केट कमेटी के चक्कर लगाने का मजबूर हैं। सरकार की ओर से किसानों के खाते में फसल बेचने के सात दिन बाद ही पैसा आना होता है लेकिन अभी तक उन्हें अपनी बेची गई फसल की राशि नहीं मिली है।
ओमप्रकाश एवं सुरतानंद ने बताया कि उनकी सरसों बिकने का समय 6 अप्रैल का था, लेकिन 7 अप्रैल को उनकी सरसों हैफेड द्वारा सतनाली में खरीदी गई थी। उन्होंने बताया कि सरसों को बेचे हुए दो सप्ताह हो चुके हैं। अभी तक उनके खाते में पैसे नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि वो रोज अपने खातों को चैक करते हैं और मार्केट कमेटी के भी चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन वहां के कर्मचारी कह रहे है कि पांच अप्रैल वालों के पैसे नहीं आए तो आपके अभी कहां से आ जाएंगे। उन्होंने बताया कि मार्केट कमेटी के कर्मचारियों से संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं मिलता। अभी कब तक आएंगे इसके लिए कोई आश्वासन अधिकारियों से नहीं मिला है।
महेंद्रगढ़ के आढ़ती किसानों की सरसों नहीं खरीद रहे थे। उपायुक्त के आदेश के बाद हमने 6 अप्रैल को जिन किसानों की खरीद महेंद्रगढ़ होनी थी, उनको नारनौल, अटेली, सतनाली एवं कनीना भेज दिया था। उनके गेट पास दो जगह कटे होने के चलते प्रोब्लम आ गई होगी। इसके लिए हमने उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। जल्द ही किसानों के खाते में पैसे आ जाएंगे। 12 अप्रैल तक की खरीद के पैसे किसानों के खाते में डाले जा चुके हैं।
- नुकुल यादव, सचिव मार्केट कमेटी।