अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। आईएमटी के बीच बाधा बने रास्ते के लिए दूसरे दिन भी प्रशासन और ग्रामीणों को जद्दोजहद करनी पड़ी। एचएसआईआईडीसी एवं तहसील कार्यालय के स्टाफ सदस्य दूसरे दिन भी शपथ-पत्र पर हस्ताक्षर करवाने तथा नक्शे में दूसरे रास्ते की तलाश में जुटे हुए थे। अधिकारियों के अनुसार 40 प्रतिशत साइन हो चुके थे। जबकि सभी शपथ पत्रों का 80 प्रतिशत साइन होने जरूरी हैं। इसी काम को लेकर पिछले दो दिन से जिला प्रशासन का गांव खुडाना में जमावड़ा लग रहा है। उपायुक्त गरिमा मित्तल शुक्रवार को रैली की तैयारियों के अलावा मुख्य फोकस इसी पर रखा। उपायुक्त लगभग पांच घंटे तक गांव खुडाना में रही और अधिकारियों को इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करवाने के लिए निर्देश दिए। इसके अलावा ग्रामीण भी दिन भी शपथ पत्र पर साइन करवाने में लगे रहे। बहुत से ग्रामीण अपने रिश्तेदारों के लिए गए हुए थे।
40 प्रतिशत खेवट पर हुए साइन
गांव आदलपुर एवं खुडाना के ग्रामीणों ने 40 प्रतिशत खेवट पर साइन कर दिए हैं। कुल 43 खेवटों में से 18 खेवटों पर काम पूरा हो चुका है। 25 खेवटों के शपथ पत्र पर सैकड़ों लोगों के साइन होने बाकी है। ग्रामीणों के पास शनिवार का पूरा दिन है। अगर शनिवार शाम तक साइन नहीं हुए तो एचएसआईआईडीसी के आला अधिकारियों की ओर से एनओसी नहीं मिलेगी और आईएमटी का मामला खटाई में पड़ सकता है। वहीं, प्रशासन दूसरे रास्ते पर भी विचार कर रहा है। आज गांव आकोदा के सरपंच धर्मेंद्र को दूसरे रास्ते के लिए बुलाया गया था। उसे भी गांव की पंचायत भूमि की जमीन पर बातचीत चल रही है।
वर्जन
आधे लोगों की सहमति हो गई है। ग्रामीण बाहर रह रहे जमीन के हिस्सेदारों के पास साइन करवाने के लिए गए हुए हैं। उम्मीद है कि शनिवार तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। शनिवार का पूरा दिन हमारे पास बचा है।
- रामकुमार, सीनियर टाउन प्लानर, नारनौल।
वर्जन
पूरी टीम इस जमीन वाले मामले पर लगी हुई है। ग्रामीण भी इस काम पर पुरी तरह से जुटे हुए हैं। शनिवार को काम पूरा कर लिया जाएगा।
- गरिमा मित्तल, उपायुक्त महेंद्रगढ़।