फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पोर्टल में प्रॉब्लम -गोल्डन कार्ड बनवाने आए लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

महेंद्रगढ़। प्रधानमंत्री जन आरोग्य बीमा योजना के लिए अपने गोल्डन कार्ड बनवाने आए लोगों को साल के पहले दिन खाली हाथ लौटना पड़ा। पोर्टल पर दिक्कत होने के कारण 50 से अधिक लोगों को वापस जाना पड़ा। दूर दराज के गांवों से किराया भरकर आए लोगों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
लोगों के घर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो छपे जन आरोग्य बीमा योजना के लेटर पहुंच रहे हैं, जिसमें परिवार के बीमा दायरे में आए लोगों का विवरण है। इस बीमा योजना के तहत परिवार के लोगों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए जानकारी दी जा रही है। पोर्टल पर टेक्निकल प्रॉब्लम होने के कारण लोगों को समस्याएं आ रही हैं। कभी साइट नहीं चल रही तो कभी नेट में दिक्कत आने के कारण खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री बीमा योजना के गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए लोगों को कई कई बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बीमा योजना के तहत रोजाना 50 लोगों के कार्ड बनाने के लिए टोकन जारी किए जाते हैं। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर टोकन देकर कार्ड बनाए जाते हैं। मंगलवार को एक भी व्यक्ति का कार्ड नहीं बनाया जा सका।
विज्ञापन


चार बार आ चुका हूं। गांव माजरा से यहां तक आने में किराया भी खर्च करना पड़ रहा है। पूरे दिन का काम बाधित हो जाता है। यहां आने पर हर बाई कोई नई समस्या बता देते हैं। कार्ड कब बनेगा इस बारे में कोई जानकारी देने को तैयार नहीं।
- रमेश कुुमार, माजरा कलां।

आज छठी बार आई हूं। मेरे पास गुुलाबी रंग का पुराना कार्ड है। इस कार्ड पर हमें बार राशन मिल रहा है। यहां के कर्मचारी कह रहे हैं नया कार्ड बनवा कर लाओ। अब नया कार्ड बनवाने गए तो उन्होंने मना कर दिया। अब किसके पास जाएं।
- रामरति ,गांव बलाना।

सरकारी योजना शुरू करने से पहले कोई सिस्टम बनाया जाना चाहिए था। महेंद्रगढ़ आते हैं तो पता लगा कि आज साइट नहीं चल रही। कभी कर्मचारी नहीं मिलते। हमें तो लगातार दिक्कतें आ रही हैं। समस्या का निदान करने के लिए जानकारी तक नहीं दे रहे।
- बाबूलाल, गांव राजावास

आज पहली बार आया था। पीएम की फोटो वाला लेटर भी आया है। यहां चिट्ठी लेकर अपना कार्ड बनवाने आए थे। यहां बताया कि आज कार्ड नहीं बनेंगे। साल के पहले दिन ही खाली हाथ जा रहे हैं। सरकार की ओर से गांव स्तर पर इसके लिए कैंप लगाने चाहिए।
- मदन, गांव नांवा

अपना कार्ड दो महीने पहले बनवा कर गया था। अब तक कार्ड नहीं आया। कब आएगा यह भी नहीं बता रहे। अगर कार्ड होता तो कुछ राहत मिलती। आज भी साइट नहीं चल रही। अब क्या करें। व्यवस्था में काफी सुधार करने की जरूरत है।
विज्ञापन

- ब्रह्मदत, गांव पायगा।

वर्जन
दो दिन से कुछ प्रॉब्लम आ रही है। आधार कार्ड का सैक डाटा से मैच नहीं हो पा रहा था। इस बारे में मुख्यालय चंडीगढ़ में शिकायत करा चुके हैं। बुधवार को समाधान हो जाने की संभावना है।
- उमेश कुमार, आईटी नोडल ऑफिसर, महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें