अमर उजाला ब्यूरो
कनीना। कनीना मंडी में बाजरे की अधिक आवक के चलते किसानों के टोकन नहीं कटने पर क्षेत्र के किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंच कर सीटीएम विरेंद्र सिंह और मार्केट कमेटी के चेयरमैन राजकुमार यादव के समक्ष अपनी समस्या रखी।
किसानों का आरोप है कि मंडी के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से शनिवार से लाइन में लगे किसानों को बाजरा सोमवार तक नहीं बिक सका। जबकि उनके बाद में आए किसानों का बाजरा खरीद लिया गया। किसानों ने इस व्यवस्था पर रोष जताया। कनीना के बार प्रधान बिजेंद्र यादव, अधिवक्ता ओपी यादव, वीरेंद्र दीक्षित, अखिल अग्रवाल, सुनील ककरालिया ने भी अधिकारियों से मिलकर किसानों की समस्या का समाधान कर बेहतर व्यवस्था बनाने को कहा। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह ने सीटीएम वीरेंद्र सिंह से बातचीत कर किसानों की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।
किसानों की समस्या का समाधान करते हुए सीटीएम वीरेंद्र सिंह ने कहा कि टोकन के लिए उनकी यूजर आईडी पर एक ही कंप्यूटर काम करता है। दूसरा कंप्यूटर चलाते हैं तो पहले वाला बंद हो जाता है। देर रात तक कंप्यूटर से टोकन बनाकर बाजरे की खरीद की जाए ऐसी अभी तक कोई इमरजेंसी नहीं है। उन्होंने कहा कि कनीना मंडी में खरीद के लिए उन्हें 15 नवंबर तक रहने की निर्देश मिले हुए हैं। सभी किसानों का बाजरा खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि शनिवार से लाइन में लगे 163 किसानों के मंगलवार को सबसे पहले टोकन काटे गए। उसके बाद सोमवार को आए किसानों के टोकन जारी करने का कार्य प्रारंभ किया गया। बाद में बुधवार से रूटीन में आने किसानों को टोकन अलाट किए जाएंगे। इस व्यवस्था पर किसान खुश हो गए।
हैफेड की ओर से सोमवार तक 26384 बैग बाजरे की खरीद की जा चुकी थी। वहीं, स्टेट वेयर हाउस की ओर से 34 हजार बैग बाजरे की खरीद की जा चुकी है। जिसमें से 90 फीसदी बाजरे का उठान हो चुका है। वेयर हाउस के प्रबंधक केके राव ने कहा कि उनके पास 30 हजार बैग बारदाना उपलब्ध है, डिमांड के आधार पर और उपलब्ध हो जाएगा। जबकि हैफेड के पास 84 हजार बैग बारदाना उपलब्ध है। इस मौके पर किसान धर्मपाल सिंह, अशोक कुमार, प्रवीन भोजावास, अशोक कुमार, कृष्ण सिंह, वीरेंद्र सिंह, सतीश कुमार, नरेंद्र शर्मा, सुरेश कुमार , सचिन उपस्थित थे।