अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल/नांगल चौधरी। जिले की अनाज मंडियों में बाजरे की खरीद के दौरान प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर अव्यवस्थाएं भारी पड़ रही है। चाहे नारनौल हो या फिर नांगल चौधरी। दोनों ही मंडियों में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नारनौल अनाज मंडी की बात करे तो शनिवार को बिक्री के लिए आए किसानों के बाजरे की खरीद कार्य सोमवार शाम तक जारी रहा। वहीं, सोमवार को मार्केट कमेटी द्वारा 350 के करीब किसानों को टोकन और जारी किए गए हैं। जबकि 5138 क्विंटल बाजरे की खरीद की गई। उधर, नांगल चौधरी मंडी में धूप में खड़े रहकर टोकन के लिए जद्दोजहद करते हुए दो किसान बेहोश हो गए। इससे आक्रोशित किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया।
सोमवार को नांगल चौधरी अनाज मंडी में अनाज की बिक्री के लिए पहुंचे गांव नायन, थनवास, कमानिया, धोलेड़ा, मेघोत, लूजोता, गोठड़ी, नंगली, अकबरपुर व मोहनपुर के किसानों ने बताया कि सरकार किसान हितैषी होने का ढिंढोरा पीट रही है। वहीं समर्थन मूल्यों में बढ़ोत्तरी करके स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने का तर्क दे रही है, लेकिन धरातल पर किसानों की मंडी में एंट्री भी संभव नहीं हो पा रही। सरकार ने बाजरे की बिक्री प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। जिसके अनुसार किसानों को मेरी खेती मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मंडी में ऑनलाइन एंट्री टोकन लेना होगा। टोकन को राजस्व विभाग का पटवारी वेरीफाई करेगा। इसके बाद ही समर्थन मूल्यों पर खरीद हो पाएगी। मंडी में व्यवस्था सुचारू रहे, इसके लिए उपायुक्त द्वारा शेड्यूल निर्धारित किया गया था। लेकिन पांच दिन बाद ही उसे रद्द कर दिया गया। आदेशानुसार सभी गांवों के किसान अपनी सुविधानुसार कभी भी बाजरा बेच सकते हैं। जिससे मंडी में बाजरा बेचने वाले किसानों की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। शनिवार को मारामारी की स्थिति बनी रही।
चिंतित किसान सोमवार सुबह सात बजे ही कंप्यूटर रूम के सामने लाइन लगाकर खड़े हो गए। जबकि दफ्तर साढ़े नौ बजे खुला। इसी दौरान किसानों में भगदड़ मच गई। धक्का-मुक्की होने के कारण थनवास गांव के दो बुजुर्ग किसान बेहोश हो गए। जिन्हें मौके पर मौजूद अन्य किसानों ने संभाला और तुरंत पानी पिलाया। इसके बावजूद विभाग ने व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया। अव्यवस्था के चलते किसानों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
नारनौल मंडी में शनिवार को आए बाजरे की सोमवार तक जारी रही खरीद
इसे खरीद एजेंसियों की लापरवाही कहे या प्रशासन की मंडियों में बदइंतजामी, लेकिन जो भी हो किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को नारनौल मंडी में बाजरा लेकर आए किसानों के अनाज की सोमवार शाम तक खरीद जारी रही। मार्केट कमेटी कर्मचारियों की मानें तो सोमवार को शनिवार व सोमवार को मंडी में किसानों आए के 5138 क्विंटल बाजरे की खरीद की गई है। सोमवार को 350 टोकन जारी किए हैं।
मंडी में दो कंप्यूटर लगाने के प्रयास
मार्केट कमेटी के सचिव अशोक यादव ने बताया कि किसानों भीड़ होने के कारण एक कंप्यूटर से एंट्री टोकन काटना संभव नहीं हो रहा। विभाग को दो लोगिंग आईडी मुहैया करवाने के लिए ईमेल भेज दी है। मंगलवार को दो कंप्यूटर लगाने का प्रयास है। किसानों के लिए बिजली-पानी व सफाई के पर्याप्त प्रबंध हैं। जल्द ही नांगल चौधरी मंडी में भी व्यवस्था सुधारी जाएगी।