अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के आह्वान पर बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल लगातार पांचवें दिन भी नागरिक अस्पताल में जारी रही। शुक्रवार को कर्मचारियों ने मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की शव यात्रा निकालकर उनका पुतला फूंककर विरोध जताया। इससे पूर्व कर्मचारी प्रतिदिन की भांति नागरिक अस्पताल में जिला प्रधान धर्मवीर यादव की अध्यक्षता में एकत्रित हुए। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते लगातार स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों पर दिखाई दिया। जहां टीकाकरण से लेकर अन्य जांच की सुविधाएं पूर्ण रूप से बाधित रही।
नागरिक अस्पताल में हड़ताल का अधिक प्रभाव नहीं दिखाई दिया क्योंकि हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के स्थान पर अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर काम चलाया जा रहा है। इस हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों को भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नारनौल नागरिक अस्पताल आना पड़ रहा है।
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिला प्रधान धर्मवीर सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को मानने की बजाय कर्मचारियों पर एस्मा लगा दिया है। जिस कारण पूरे हरियाणा के बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी रोष है। राज्य वरिष्ठ उप प्रधान मुकेश चौहान और जिला सह सचिव प्रवीण कौशिक ने कहा कि सरकार ने सभी मांगों को जायज माना है, लेकिन पिछले एक साल से सरकार मांगों की अधिसूचना जारी नहीं कर रही है। इससे भी स्वास्थ्य कर्मचारियों में रोष है।
शुक्रवार को बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की शव यात्रा निकाली। शव यात्रा नागरिक अस्पताल से पुलिस लाइन, पीडब्लूडी रेस्ट हाउस से होते हुए महावीर चौक पर पहुंची। जहां उन्होंने चौक के बीचों-बीच रखकर शोक संताप किया। शोक संताप कर कर्मचारियों ने शव यात्रा का दहन किया। सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान मास्टर महेश कुमार व पूर्व प्रधान मास्टर धर्मेंद्र यादव ने कहा कि बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे है लेकिन सरकार झूठे आश्वासन दे रही है। सरकार से कर्मचारियों की सभी जायज मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की अन्यथा आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दी।
इस अवसर पर कौशल कुमार, पूर्णचंद, राजपाल, सुजान मालडा, गुलजारी, किरोड़ीमल सैनी, रणबीर सिंह, अनिल रसूलपुरिया, विक्रम यादव, निर्मला देवी, माया बुचोली, गीता कुमारी, शर्मिला, शारदा, सुनीता अटेली, सुमन, चंपा, अनीता, कमलेश व सुमित्रा सहित अनेक कर्मचारी मौजूद थे।
मलेरिया, डेंगू की जांच अटकी, महिलाओं को नहीं लग रहे टीके
बरसाती सीजन शुरू होते ही गांवों में मच्छरों का आंतक बढ़ गया है। हड़ताल के चलते मरीजों का चेकअप नहीं हो रहा। जिस कारण मलेरिया, डेंगू व अन्य संक्रमित बीमारी पनपने की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को टीके भी नहीं लग रहे। सीएचसी में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया भी अटकी हुई है। वहीं, टीबी के मरीजों को भी दवाई वितरित नहीं हो पा रही है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगे
बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों का पद तकनीकी घोषित किया जाए। ग्रेड-पे 4200 रुपये करने, आरसीएच परियोजना में कार्यरत बहुउद्देशीय महिला कर्मचारी को दो वर्ष के सेवा काल पूरा करने पर नियमित करने की नीति बनाई जाए। सामान काम सामान वेतन देने, पुरुष कार्यकर्ता व आरसीएच स्कीम में कार्यरत एमपीएचडब्ल्यू महिला को वर्दी भत्ता दिया जाए, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्वास्थ्य निरीक्षक का फील्ड किराया भत्ता एक से दो हजार किए जाने आदि मुख्य मांगें है।