अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी।
मेजर सतीश दहिया का साहस व देशभक्ति का जज्बा अतुलनीय है। उनकी शहादत को कीमत की तराजू में तौलना संभव नहीं होगा। इतिहास के पन्नों में उनका नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। उक्त बात रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बुधवार को शहीद मेजर सतीश दहिया की प्रतिमा अनावरण समारोह में कही।
उन्होंने कहा कि मेजर सतीश दहिया को आर्मी में बतौर लेफ्टिनेंट सप्लाई कोर में ज्वाइनिंग मिली थी। वे चाहते तो पूरी सर्विस फर्ज पूर्वक सुरक्षित बीता सकते थे, परंतु उन्हें पर्दे के पीछे की नौकरी पसंद नहीं रही। सेना को 14 फरवरी की शाम जम्मू-कश्मीर के हिंदवाड़ा में आतंकी प्रवेश करने की सूचना मिली। उच्चाधिकारियों ने संबंधित क्षेत्र की यूनिट इंचार्ज को सर्च आपरेशन के निर्देश दिए। इस दौरान मेजर सतीश दहिया ने सप्लाई कोर में रहते हुए सर्च टीम के नेतृत्व करने की रिक्वेस्ट भेजी थी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अन्य सैनिकों की कुशलक्षेम पूछी तथा तीन खूंखार आतंकी मार गिराए। जिससे शहीद की देशभक्ति व निष्ठा का अंदाजा लगाया जा सकता है। सांसद ने कहा कि मेजर सतीश दहिया परिवार का इकलौता वारिश था। शहीद की वीरांगना को योग्यता के मुताबिक एचसीएस नौकरी मिलनी चाहिए। इससे पहले उन्होंने शहीद की प्रतिमा का अनावरण किया, तथा परिजनों से कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने कहा कि शहीदों की जाति या धर्म नहीं होता। वे पूरे राष्ट्र की धरोहर होते हैं। इस मौके पर सांसद धर्मबीर, पूर्व केंद्रीय मंत्री लालचंद कटारिया, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, पूर्व मंत्री राव नरेंद्र सिंह, राव दानसिंह, अनीता यादव, प्रवीण चौधरी, सतपाल दहिया, संजय पटीकरा, राजेश रावत, बार एसोसिएशन के प्रधान मनीष वशिष्ठ, राजेंद्र भुंगारका, मालाराम चौधरी आदि मौजूद थे।
-राष्ट्र की सुरक्षा में प्रदेश का 10 प्रतिशत योगदान सांसद ने कहा कि देश की सुरक्षा में हरियाणा का 10 फीसदी योगदान है, जबकि आबादी का अनुपात 2 प्रतिशत है। मेजर सतीश दहिया की बहादुरी की चर्चा पूरे भारत में हैं। जिसे शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।
सेना की क्षतिपूर्ति संभव नहीं
शहीद मेजर सतीश दहिया को श्रद्धांजलि देने पहुंचे रिटायर्ड ले. जनरल बलबीर, ब्रिगेडियर जितेंद्र खरब, कुलविंद्र ने शहीद के साहस से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सर्जिकल स्ट्राइक में शामिल जवानों की सूची में मेजर सतीश का नाम शामिल रहा है। उनकी शहादत पर पूरे देश को गर्व है, लेकिन सेना की क्षतिपूर्ति होना संभव नहीं।
पिता के सपने पूरे करेगी बेटी प्रियांशु
शहीद की पत्नि सुजाता चौधरी ने कहा कि मेजर सतीश ने जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त करने का सपना देखा था। जिनके अधूरे सपनों को बेटी प्रियांशु पूरा करेगी। बेटी पढ़ाई के लिए दिल्ली रहना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार से पूरा मान-सम्मान मिल रहा है। नौकरी की घोषणा हो चुकी, अभी तक मिली नहीं है।