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नांगल चौधरी नपा को दो फीडरों से मिलेगी बिजली, सप्लाई में हो सुधार

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नांगल चौधरी नपा को दो फीडरों से मिलेगी बिजली
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-फीडर के विभाजन पर करीब 60 लाख होंगे खर्च, बगले महीने शुरू होगी दूसरे फीडर की सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। नांगल चौधरी नपा के लिए अच्छी खबर है। अब पूरे शहर की बिजली सप्लाई एकसाथ ठप नहीं होगी। निगम ने दो फीडरों से विद्युत आपूर्ति करने का निर्णय लिया है। एक फाल्ट होने पर दूसरे से आधे शहर की सप्लाई सुचारु रहेगी।
बता दें कि 21 जनवरी 2013 को नांगल चौधरी नपा गठन के नोटिफिकेशन पर गवर्नर के हस्ताक्षर हुए थे। इसके बाद नांगल चौधरी, मोहनपुर, नोलायजा, नोलपुर, ढाणी कुंभा, ढाणी बानिया, ढाणी बायां, ढाणी ठाकरान, ढाणी जिंदड को शहरी दर्जा मिल चुका है। नियमानुसार नपा के अंतर्गत सीमा में जमीन खरीदने पर सुविधा चार्ज का भुगतान करना होगा। बिजली निगम ने प्रति यूनिट पांच पैसे सुविधा शुल्क वसूलना शुरू कर दिया। इससे उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली मिलने और समस्याओं का तत्परता पूर्वक समाधान की उम्मीद हुई थी। 2015 में आठ ढाणी व तीन गांवों को सीटी फीडर से जोड़ दिया गया, लेकिन ढाणी ठाक रान को अभी भी सीटी फीडर से बिजली नहीं मिल रही है। इसके अलावा शहर की बिजली व्यवस्था जर्जर तार व ट्रांसफार्मरों पर निर्भर है। थोड़ी हवा चलने या बारिश होते ही लाइन ब्रेक डाउन हो जाती है। कर्मचारियों की किल्लत के चलते 3-4 घंटे से पहले लाइनों का फाल्ट दुरुस्त नहीं होता। इस दौरान पूरे शहर के उपभोक्ताओं को असुविधा झेलनी पड़ती है। समाधान को लेकर पिछले दिनों लोगों ने सब डिविजन कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर दो फीडर स्थापित करने की गुहार लगाई थी। तर्क दिया कि एक ढाणी की लाइन फाल्ट होने पर पूरे शहर की बिजली गुल रहना उचित नहीं है। दो फीडर स्थापित होने पर उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं रहेगी। एक फीडर फाल्ट होने की स्थिति में दूसरे से आधे शहर की बिजली सुचारु रहेगी। इससे संतुष्ट एसडीओ ने लागत एस्टिमेट का प्रपोजल उच्चाधिकारियों को भेजा। बजट मंजूर होने के बाद निगम ने दूसरा फीडर लगाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी। नवंबर महीने के अंत तक काम पूरा होने की उम्मीद है।
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जर्जर तार बदलने की प्रक्रिया शुरू
निगम के मुताबिक नांगल चौधरी व अन्य गांवों में करीब 40 साल पहले तत्कालीन लोड के मुताबिक तार बिछाए गए थे, लेकिन अब उपभोक्ताओं की संख्या में कई गुणा बढ़ोतरी हो चुकी। क्षमता से अधिक लोड पड़ने के कारण जर्जर तार गर्म होकर टूटने लगे हैं। समाधान को लेकर निगम द्वारा नपा के अंतर्गत विभिन्न लाइनों के तार व केबल बदली जाएंगी।

दूसरे फीडर की स्थापना पर 60 लाख होंगे खर्च
निगम के कनिष्ठ अभियंता सत्यपाल ने बताया कि नपा के अंतर्गत गांव व ढाणियों को एक ही फीडर से बिजली सप्लाई हो रही है। लाइन में सामान्य फाल्ट उत्पन्न होते ही पूरे शहर की सप्लाई बंद करनी पड़ती है। समाधान के लिए करीब 60 लाख की लागत से दूसरा फीडर लगाया जा रहा है। एक फीडर खराब होने की स्थिति में आधे शहर को बिजली मिलती रहेगी। अगले महीने वर्किंग प्रक्रिया संपन्न होने की उम्मीद है।
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छोटे फीडर की रिपेयर में रहेगी सुविधा
अधिकारियों के मुताबिक लंबे फीडर जल्द खराब होते हैं और फाल्ट भी आसानी से नहीं मिलते। दूसरी ओर छोटे फीडरों की रिपेयर तत्परता पूर्वक संभव है। उपभोक्ताओं को हाईवोल्टेज बिजली सुचारु मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि नपा का बिजली वितरण शेड्यूल एक ही रहेगा।
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