श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन झूमे श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। शहर के मोहल्ला संघीवाड़ा में स्थित गणेश मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा छठे दिन मनीष शास्त्री व संदीप शास्त्री, भगवत दयाल शास्त्री ने मुख्य यजमान सत्य प्रकाश संघी, संदीप संघी, संजीव संघी के द्वारा विधिविधान से सभी देवताओं का पूजन करवाकर भागवत कथा का शुभारंभ करवाया।
आचार्य बजरंग शास्त्री ने प्रवचन देते हुए कहा कि भगवान कृष्ण कहते हैं कि मेरा अवतार संतों भक्तों की रक्षा के लिए और दुष्टों राक्षसों के संहार के लिए ही होता है। आचार्य ने कहा कि गोपियां कोई साधारण स्त्रियां नहीं थी। पूर्व जन्म के बड़े-बड़े ऋषि मुनि संत महात्मा ही बृज में गोपी बनकर आए और भगवान कृष्ण को पाना ही इनके जीवन का परम उद्देश्य रहा। कथा के अंत में भगवान श्रीकृष्ण और विदर्भ देश के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मणि के विवाह का सुंदर वर्णन किया और कृष्ण विवाह के बधाई के गीत भी सुनाये। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालु झूम उठे। इस अवसर पर रमेश संघी, बृजभूषण संघी, बृजमोहन संघी, प्रवीण संघी, नवीन संघी, पुरुषोत्तम संघी, राजीव संघी, संजय संघी, राहुल संघी, मनोहर लाल संघी, जमुना प्रसाद संघी, कमला देवी संघी, कविता संघी, ललिता, सुमन, बबीता, प्रियंका, पवन गर्ग, विकास आदि मौजूद रहे।