अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। सर्दी में रात को आप महेंद्रगढ़ में ठहरने की सोच रहे हैं तो रैन बसेरे के भरोसे न रहें। शहर में एकमात्र रैन बसेरा है, लेकिन उसके भी हालात बेहद खराब हैं।
इस समय न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। अमर उजाला टीम ने मंगलवार रात 8 बजे रैन बसेरे की पड़ताल की। बस अड्डा के पास तथा रेलवे स्टेशन के पास कोई रैन बसेरा नहीं है। यहां तक कि आपको सूचना देने वाला भी कोई नहीं है कि शहर में रैन बसेरा कहां है। एकमात्र रैन बसेरा निगम कार्यालय की छत पर बनाया गया है। निगम कार्यालय के गेट पर भी रैन बसेरे का दिशा सूचक नहीं है। शहर में रैन बसेरे में आश्रय लेने के बारे में हेल्पलाईन नंबर भी उपलब्ध नहीं है। नपा कार्यालय की छत पर बने रैन बसेरे का मुआयना किया तो अंदर एक बेड मिला। जिसका गद्दा फटा था। एक रजाई थी, बेहद गंदी। बाहर दो चारपाई छत पर पड़ी थी। इनमें एक टूटी थी। बसेरे के अंदर न लाइट थी और न ही बाहर कोई चौकीदार दिखा।
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बाक्स:
रैन बसेरे में रखा है कार्यालय का रिकार्ड
पालिका कार्यालय के ऊपर बने कमरे को बाहर से आने वाले अधिकारियों के विश्राम गृह के लिए इस्तेमाल किया जाता था। पिछले चार-पांच वर्षों से पालिका ने इसे रैन बसेरा बना दिया। अब इसकी हालत अच्छी नहीं हैं। रैन बसेरे के अंदर कार्यालय का रिकार्ड पड़ा है।
वर्जन
नगरपालिका में रैन बसेरा बनाया गया है। हमेशा रात को खुला रहता है। अगर कुछ कमियां हैं तो उनको दुरुस्त करवा देंगे। अधिकारी मेरा सहयोग नहीं कर रहे। पालिका अधिकारियों को एक बार फिर से निर्देश जारी किए जाएंगे।
-रीना बंटी, चेयरपर्सन ,नगरपालिका।