24 घंटे विद्युत आपूर्ति नहीं होने पर ग्रामीण ने दिया धरना
नांगल चौधरी। निगम की शर्तानुसार आसरावास गांव में 24 घंटे बिजली सप्लाई नहीं होने से ग्रामीणों ने सब स्टेशन पर तीन घंटे तक धरना दिया। वीरवार सुबह 8 बजे ग्रामीणों ने बैठक की। इसके बाद ग्रामीणों ने निर्धारित बिजली आपूर्ति सप्लाई के लिए करीब 9 बजे सब स्टेशन पर धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंचे विभाग के जेई सत्यपाल ने ग्रामीणों की समस्या सुनी और उच्चाधिकारियों से बात करने के बाद ग्रामीणों को 15 दिन में समाधान का आश्वासन दिया। सहमति होने पर ग्रामीणों ने 11.30 बजे धरना खत्म कर दिया।
धरने पर बैठे प्रधान सतीश रावत ने बताया कि आसरावास पंचायत द्वारा सब स्टेशन स्थापित करने के लिए बिजली निगम को निशुल्क जमीन मुहैया करवाई थी। जिसके लिए विभाग ने ग्रामीणों को 24 घंटे बिजली सप्लाई का भरोसा दिया था। किंतु सब स्टेशन स्थापित करने के बाद निगम निर्धारित शर्तों को भूल गया। करीब तीन साल बीतने के बावजूद उपभोक्ताओं को सीटी लाइन की सुविधा नसीब नहीं हुई। रात को करीब 10 बजे तक बिजली सप्लाई चालू रहती है। इसके बाद पूरी रात गर्मी एवं मच्छरों का सामना करना पड़ता है। 24 घंटे में मुश्किल से 5-6 घंटे बिजली मुहैया करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि गांवों की वाटर सप्लाई बिजली पर निर्भर है। बिजली नहीं आने पर गांवों में पेयजल संकट बढ़ गया है। ग्रामीणों को वाटर टैंकर या अन्य दूर-दराज के बोरवेल से पेयजल व्यवस्था करनी पड़ रही है। समाधान के लिए निगम के एसडीओ से मोबाइल पर संपर्क के प्रयास किए गए। किंतु उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की, जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने वीरवार सुबह सतीश रावत की अध्यक्षता में बैठक की। आपसी सहमति होने के बाद सब स्टेशन के मुख्य द्वार पर धरना शुरू किया। सूचना पाकर करीब 10 बजे थाना प्रभारी तेजबीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में लाकर समाधान कराने का आश्वासन दिया। किंतु ग्रामीणों ने एसएचओ के आश्वासन को नकार दिया और निगम के अधिकारी मौके पर बुलाने की जिद्द करने लगे। इसके बाद कनिष्ठ अभियंता सत्यपाल सिंह धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद 15 दिन में समाधान का भरोसा दिया।
निशुल्क जमीन देने के बावजूद 24 घंटे बिजली नहीं मिलने से नाराज ग्रामीण धरने पर बैठ गए थे। समाधान के लिए पंचायत का प्रस्ताव लेकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। अगले 10-15 दिन में समाधान प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
- सत्यपाल सिंह, जेई बिजली निगम