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नेशनल हाईवे पर लगाया जाम

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स्टैंड पर नहीं रुकतीं बसें, विद्यार्थियों ने किया हाईवे जाम
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महेंद्रगढ़। नेशनल हाईवे पर स्थित गांव गुलावला बस स्टैंड पर रोडवेज बसें न रुकने पर विद्यार्थियों ने शुक्रवार को जाम लगा दिया। इससे नेशनल हाईवे 2 घंटे बाधित रहा। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी रमेश कुमार और डीएसपी ने जाम खुलवाया।
विद्यार्थियों ने कहा कि वे नारनौल और महेंद्रगढ़ कॉलेज में पढ़ने जाते हैं, लेकिन प्रतिदिन रोडवेज बस चालक गुलावला बस स्टाप पर बसों को नहीं रोकते। इससे वे कॉलेज के लिए लेट हो जाते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चालक परिचालक विद्यार्थियों के साथ गलत व्यवहार करते हैं और उन्हें अपशब्द बोलते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार महीने से यह समस्या चल रही है। जीएम को भी इस बार में कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए उन्हें मजबूरी वश यहां जाम लगाना पड़ा। विद्यार्थियों ने सुबह 8.30 बजे ही जाम लगा दिया था। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे नारनौल डिपो से वर्कशॉप मैनेजर, अमित कुमार, सीआई भुवनेश, उप निरीक्षक इंदराज, जयकिशन प्रमोद कुमार आदि ने विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया किंतु विद्यार्थियों ने उनकी एक नहीं सुनी। इसके बाद महेंद्रगढ़ डीएसपी सतेंद्र कुमार और थाना प्रभारी रमेश कुमार ने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया किया कि शुक्रवार से ही रोडवेज बसें रुकने लगेंगी। इसके बाद विद्यार्थियों ने जाम खोला।
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100 विद्यार्थियों की हो रही है पढ़ाई बाधित
गांव गुलावला और आसपास के गांव के लगभग 100 विद्यार्थी कॉलेज, आईटीआई, कोचिंग के लिए नारनौल और महेंद्रगढ़ जाते हैं। बस नहीं रुकने की वजह से इन विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने रोडवेज बसों के पास भी बनाए हुए हैं, लेकिन इसका समुचित लाभ नहीं उठा पाते। इस समय कॉलेज की परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा शाम पांच बजे पूरी होती है। घर पर पहुंचते 6 बजे जाते हैं। बस चालक शाम को कुकसी स्टैंड पर या कुकसी नदी के पास छोड़ते हैं। वहां से उन्हें अंधेरे में एक किलोमीटर पैदल चलकर आना पड़ता है।
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मैं नारनौल कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हूं। प्रतिदिन बस के लिए 2-2 घंटे खड़ा रहना पड़ता है। किंतु बस चालक उनके स्टॉप पर रोकते नहीं है। इससे पढ़ाई बाधित हो रही है।
-आकृति, छात्रा।
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मैं नारनौल बीएससी तृतीय श्रेणी की छात्रा हूं। सरकार वैसे तो बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ अभियान चलाती है। किंतु यहां बेटियों के लिए पढ़ने जाने के लिए सरकारी बसें नहीं रुकती हैं।
-एकता, छात्रा

मैं एएनएम कोर्स के लिए नारनौल जाती हूं। बस के इंतजार में रोज एक दो घंटे खराब हो जाते हैं और परंतु बस नहीं रोकते। जब बस में बैठकर आते हैं तो चालक परिचालक व्यवहार सही नहीं रहता है।
-पुष्पा।
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मैं प्रतियोगिता परीक्षाओं की कोचिंग के लिए नारनौल पढ़ने जाता हूं। मेरा कोचिंग का समय 10 से 1 बजे का होता है किंतु सुबह के समय बस चालक रोकते ही नहीं। इससे मैं प्रतिदिन कोचिंग कक्षा में लेट पहुंचता हूं।
-विकास, छात्र
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मैं आईटीआई का छात्र हूं। चार महीने से गुलावला बस स्टॉप पर बसें नहीं रुक रहीं जबकि यहां रोडवेज बस रुकने का रोडवेज विभाग की ओर से बोर्ड लगाया गया है। इसके चक्कर में पांच छह बच्चों ने पढ़ाई भी छोड़ दी है।
-पुष्पेंद्र।
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बस नहीं रुकने की समस्या चार पांच साल से बनी हुई है। बीच में बस रोकने के लिए एक कंडक्टर की ड्यूटी भी लगा दी थी। वह एक महीने तक लगा रहा। इसके बाद उसे हटा दिया गया। अब चार महीने से ज्यादा समस्या बनी हुई है।
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-इंद्रजीत।
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विद्यार्थियों ने चार पांच गाड़ियों के नंबर नोट करवाए हैं। हम उन गाड़ी के चालक और परिचालक को बुलाकर पूछताछ करेंगे। वैसे शुक्रवार से ही पैसेंजर बसों का ठहराव यहां कर दिया गया है।
-वर्कशॉप मैनेजर, अमित कुमार।
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