फोटो 05 प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्राें के साथ मौजूद आईटीआई स्टाफ। संवाद
नारनौल। डीएसटी यानी दोहरी शिक्षा प्रणाली के तहत राजकीय आईटीआई के एमएमवी ट्रेड के छात्र किताबी के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी लेंगे। प्रशिक्षण पूरा हो जाने के बाद उन्हें अनुभव प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। जो स्वरोजगार, निजी कंपनी व सरकारी नौकरी में भी वरीयता प्रदान करेगा।
एमएमवी ट्रेड के इंचार्ज यशवंत ने बताया कि ट्रेड के 17 छात्र कार्यशाला में 31 दिसंबर तक प्रशिक्षण लेंगे। उन्होंने बताया कि डीएसटी प्रणाली के तहत एक वर्ष की ट्रेड वाले छात्र तीन माह व दो वर्ष की ट्रेड वाले छात्र प्रतिवर्ष तीन तीन माह का प्रशिक्षण लेंगे। उन्होंने बताया कि जो भी छात्र डीएसटी के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करता है, उन सभी को 3 व 6 माह का अनुभव प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इन छात्रों को निजी व सरकारी नौकरी के लिए अप्लाई करने पर वरीयता तो मिलेगी ही, साथ ही इन्हें स्वरोजगार शुरू करने की भी प्रेरणा मिलेगी।
बॉक्स:
डीएसटी के ऑल ऑवर इंचार्ज हरीश दहिया ने बताया कि एमएमवी ट्रेड के इंचार्ज समय समय पर सभी प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों की निगरानी करेंगे। ताकि किसी भी छात्र को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके अलावा संस्थान की ओर से सभी छात्रों को ओजेटी डायरी व पैन मुहैया कराया गया है, ताकि प्रशिक्षण के दौरान क्या सीखा, उसे छात्र लिखकर याद रख सकें।
वर्जन:
दोहरी शिक्षा प्रणाली सरकार की ओर से शुरू की गई योजना है। इसके तहत संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों को कार्यशाला में आधुनिक मशीनों के ज्ञान के साथ रोजगार के और भी बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
विनोद खनगवाल, प्रधानाचार्य, राजकीय आईटीआई।