नारनौल। गर्मियों के मौसम में लोगों की प्यास बुझाने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर गंभीर हो गया है। विभाग ने शहर के हजारों घरों में पानी पहुंचाने के लिए पेयजल आपूर्ति लाइनों को ठीक करने का कार्य शुरू कर दिया है। दरअसल शहर के अनेक वार्डों में पाइप लाइन लीकेज के कारण गंदा पानी सप्लाई हो रहा था। ऐसे में वार्डों में गंदा पानी पहुंचने की लोगों की समस्या को देखते हुए विभाग ने कमर कस ली है। बता दें, कि गर्मियों के मौसम में शहरवासी अक्सर पेयजल की समस्या से जूझते हैं। इनमें सबसे अधिक परेशानी जमालपुर व रामनगर कालोनी के लोगों को उठानी पड़ती है। लोगों की समस्या को लेकर विभाग ने लीकेज व अन्य कार्यों के लिए 15 लाख रुपये की बजट राशि स्वीकृत करवा चुका है। इसके अलावा विभाग ने गांवों में व्यर्थ बह रहे पानी को रोकने के लिए जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन को जिम्मेवारी सौंपी गई है। जो घर-घर जाकर लोगों को पानी बचाने के लिए जागरूक कर रही है। गांवों में जलघरों पर बूस्टर ऑपरेटरों को पानी की सप्लाई में किसी भी प्रकार की बाधा न हो इसके लिए जरूरी दिशा निर्देश संबंधित एजेंसी प्रतिनिधियों ने दिये है। वाटर टैंकों में मोटरों की स्थिति को लेकर भी अलग से इंतजाम किया गया है। वहीं जिला के पेयजल उपभोक्ताओं को स्वच्छ पीने का पानी उपलब्ध करवाने के लिए गांव नसीबपुर में बड़ा वाटर स्टोरेज टैंक का निर्माण कार्य को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। टैंक बनने के बाद गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। इसके लिए वाटर टैंक पर करीब 21 करोड़ रुपये की लागत का बजट स्वीकृत किया गया है।
इस संबंध में जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के उपमंडल अधिकारी गोपाल सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में पेयजल उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए बाकायदा कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके लिए विभाग की ओर से करीब 15 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत हो चुका है।