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सात घंटे की लाइन के बाद किसानों को मिला तीन तीन बैग डीएपी

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अमर उजाला ब्यूरो
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महेंद्रगढ़। करीब सात घंटे तक लाइन में खड़े रहने के बाद किसानों को 3-3 बैग डीएपी खाद मिली। वीरवार को भी व्यवस्था नहीं सुधरने पर किसानों ने सरकार के प्रति गुस्सा जाहिर किया। किसानों ने कहा कि 10 बैग डीएपी के लिए तीन दिन से लाइनों में लग रहे हैं। महिलाओं को भी लाइनों में खड़े होने को मजबूर होना पड़ रहा है। सोसायटी में पानी तक की व्यवस्था नहीं है।
रेलवे रोड स्थित को-ऑपरेटिव सोसायटी में डीएपी खाद लेना किसानों के लिए किसी जंग को जीतने से कम नहीं है। पिछले तीन दिन से किसान यहां घंटों लाइनों में लग रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें 3 से 5 बैग ही खाद मिल रही है। वीरवार को सुबह छह बजे से ही किसान लाइनों में खड़े हो गए थे। यहां खाद वितरण के लिए करीब 9 बजे कर्मचारी पहुंचा। सुबह 9 बजे से 11 बजे तक इंटरनेट ही नहीं चला। जिस कारण खाद वितरण शुरू नहीं हो सका। बाद में युवा किसान ने अपने मोबाइल से वाई फाई के जरिए सोसायटी के कंप्यूटर का इंटरनेट चालू किया, जिसके बाद किसानों को खाद वितरण शुरू किया गया। करीब 7-9 घंटे लाइन में लगने के बाद किसानों को महज तीन-तीन बैग दिए गए।
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बुडीन निवासी किसान अमीर सिंह ने कहा कि सुुबह छह बजे से लाइन में लगा था। सात घंटे की लाइन के बाद केवल तीन बैग डीएपी मिला है। 11 बजे तक तो इंटरनेट की चालू नहीं हुआ। यहां व्यवस्था बेहद लचर है। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
गांव कुराहवटा निवासी रविंद्र ने कहा कि महिलाएं भी सुबह से लाइन में लगी हैं। छह-सात घंटे लाइन में लगने को मजबूर हैं। यहां पीने का पानी तक नहीं है। महिलाओं को टॉयलेट तक जाने में दिक्कत आ रही हैं। यहां कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाया जाना चाहिए। रोजाना 200 से 300 लोग लाइन में लगते हैं।
गांव बलाना निवासी धर्मपाल ने बताया कि वह तीन दिन से आ रहा है। डीएपी खाद के लिए किसानों के तीन-तीन दिन बर्बाद हो रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक लाइनों में खड़े रहते हैं। सरकार की ओर से किसानों को किसी तरह की राहत नहीं दी जा रही।
पाथेड़ा निवासी पूर्ण सिंह ने कहा कि दो बैग डीएपी ही लेना था। सुबह से ही लाइन में लग गए थे। सात घंटे लाइन में लगने के बाद केवल दो बैग मिले हैं। किसानों की समस्या का निदान कराया जाना चाहिए। सरकार को डीएपी खाद गांव में ही उपलब्ध कराना चाहिए।
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वर्जन
सोसायटी के कर्मचारी बाजरा खरीद में लगे हैं। इस कारण खाद वितरण में दिक्कत आ रही है। सोमवार से यहां अतिरिक्त कर्मचारी उपलब्ध कराकर समस्या का समाधान कराएंगे। जरूरत के अनुसार डीएपी मंगवाया जा रहा है।
- रामकुमार, डीएम, हैैफेड।
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