पोलियो की दवा पिलाने के लिए बनाई गई 666 टीमें, हड़ताल का नहीं दिखा असर
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। आशा वर्करों की हड़ताल के कारण इस बार पोलियो दवा पिलाने की जिम्मेवारी आंगनबाड़ी हेल्पर व वर्कर को दी गई है। जिला में कुल 870 आशा वर्कर हैं। वहीं जिला में दो यूनियन होने के कारण एक यूनियन की करीब 100 आशा वर्करों ने पोलियो अभियान में अपना सहयोग दिया। इससे पहले दिन हड़ताल के बावजूद कोई असर इस अभियान पर नहीं देखा गया।
महेंद्रगढ़ जिले में तीन दिनों तक पोलियो प्रतिरक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत तीन दिनों में 1 लाख 10 हजार 640 बच्चों को वैक्सीन यानी पोलियो ड्राप्स पिलाई जानी है। रविवार को पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, हास्पिटल व सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित किए गए 1179 बूथों पर यह दवा पिलाई गई। पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने 666 टीमों का गठन किया है। पहले दिन जिलाभर में 1179 बूथ केंद्रों पर वैक्सीनेटर टीमों ने दवा पिलाई। एक केंद्र पर चार वैक्सीनेटर सदस्य रहे। पोलिया अभियान के इंचार्ज डा. रामनिवास एवं अर्बन नोडल अफसर डा. नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिला में 1179 बूथ बनाये गये हैं। इनमें तीन दिनों में 1 लाख 31 हजार 139 बच्चों को पोलियों की दवा पिलाई जायेगी। आशा वर्कर के हड़ताल पर होने के कारण आंगनबाड़ी हेल्पर व वर्कर, पंचायती तौर पर पंच व सरपंच का सहयोग लिया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो शिक्षकों का भी सहयोग लिया जा सकता है। इस अभियान के लिये 666 टीम बनाई गई है। वहीं 29 मोबाइल टीम को भी शामिल किया है।
उनकी यूनियन की कोई भी वर्कर पोलियो की दवा पिलाने नहीं गई। हर बार आशा वर्कर ही दवा पिलाती हैं। जिसमें आंगनबाड़ी वर्कर व हैल्पर भी मदद करती हैं। इस बार हड़ताल के कारण आशा वर्कर अभियान में शामिल नहीं हुई।
- कांता यादव, जिला प्रधान आंगनबाड़ी यूनियन