अब नवजात शिशुओं को ले जाने के लिए विशेष एंबुलेंस
-नारनौल नागरिक अस्पताल को भी मिली एक एंबुलेंस, जिले के लोगों को मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
फोटो नंबर 21
नारनौल। प्रदेश में प्रतिवर्ष होने वाली सैकड़ों शिशुओं की अकाल मौत पर अब कुछ अंकुश लग सकेगा। इसके लिए सरकार ने प्रदेश में पहली नवजात शिशुओं को ले जाने के लिए विशेष एंबुलेंस सुविधा शुरू की है। पहले स्तर पर यह सुविधा प्रदेश के पांच जिलों में शुरू की जाएगी। इनमें एक महेंद्रगढ़ को भी मिली है।
उल्लेखनीय है कि नागरिक अस्पताल में संसाधनों की कमी के कारण अकसर डिलीवरी के बाद जन्में अस्वस्थ बच्चों को यहां इलाज करने की बजाय रेफर कर दिया जाता है। परंतु परिजनों को ठीक समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने व अन्य कारण के चलते नवजात बच्चा इलाज से पूर्व दम तोड़ देता है। यदि जिला महेंद्रगढ़ की बात करें तो यहां भी शिशु मृत्यु दर की हालात कुछ ठीक नहीं है। वर्ष 2013 से अब तक जिले में 151 शिशुओं की मौत हो चुकी है। इसका एक बड़ा कारण नागरिक अस्पताल में गायिनी विभाग में महिला चिकित्सकों की कमी के साथ-साथ संसाधनों का अभाव भी है। सरकारी अस्पतालों में गायिनी चिकित्सक न होने के कारण जच्चा व बच्चा की सही देखभाल नहीं हो पाती है। इस वजह से यह दर लगातार बढ़ रही है। इस साल भी 22 से अधिक शिशुओं की मौत हो चुकी है। इस शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने शिशु एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की है। जोकि 42 दिन तक के बच्चों को गंभीर अवस्था में छोटे अस्पतालों से हायर सेंटर यानी बड़े अस्पतालों तक निशुल्क ले जाएंगी। यह एंबुलेंस स्पेशल नवजात शिशुओं के लिए चलाई गई है।
2013 से अब तक 151 शिशुओं की हुई अकाल
देखरेख व संसाधनों के अभाव में जिला महेंद्रगढ़ में 2013 से अब तक करीब 151 शिशुओं की अकाल मौत हो चुकी है। इसमें वर्ष 2013-14 में 42, वर्ष 2014-15 में 31, वर्ष 2015-16 में 28, वर्ष 2016-17 में 28 तथा 2017-18 में 22 शिशुओं की मौत हो चुकी है।
एंबुलेंस नवजात को फ्री ले जाएगी हायर सेंटर
नवजात बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए प्रदेश सरकार ने पांच जिलों में नवजात शिशु देखभाल एंबुलेंस सेवा शुरू की है। यह एंबुलेंस सेवा बीमार नवजात बच्चों को छोटे अस्पतालों जैसे सीएचसी, पीएचसी या नागरिक अस्पताल से हायर सेंटर यानी ट्रामा सेंटर या पीजीआई जैसे अस्पतालों तक लेकर जाएगी। इस एंबुलेंस में एक चिकित्सक, एक ईएमटी व एक ड्राइवर होगा। जिसमें नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं भी होंगी। एंबुलेंस के अंदर फूल वेंटिलेटर, सक्षण मशीन, बेबी वार्मर व ऑक्सीजन सिलेंडर है।
एंबुलेंस 42 दिन तक नवजात को देगी सेवा
यह एंबुलेंस जन्म से 42 दिन तक के नवजात को फ्री सेवा प्रदान करेगी। एंबुलेंस जिला मुख्यालय पर खड़ी रहेगी और जरूरत पड़ने पर पूरे जिला में उपलब्ध होगी। जिसमें डिलवरी या डिलवरी के बाद के भी शिशु शामिल हैं।
जिले के नवजात शिशुओं के लिए एक एंबुलेंस नवजात शिशु देखभाल एंबुलेंस मिली है। इसके अंदर बीमार 42 दिन के बच्चों को हायर सेंटर तक ले जानी की सभी सुविधाएं हैं।
-प्रदीप कुमार, फ्लिट मैनेजर, एंबुलेंस सेवा, नारनौल।