फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला प्रमुख कककककककककक

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

महेंद्रगढ़। जिला प्रमुख राजेश देवी ने सीट पर खतरा देख राव इंद्रजीत सिंह के दरबार में हाजिरी लगा दी। हालांकि, इंद्रजीत सिंह देर शाम तक उनसे नहीं मिले। वह एक होटल में ठहरे हुए थे। उनके साथ उनके गुट के पार्षद भी मौजूद थे। बाहर घूमने के बहाने शुक्रवार से 13 पार्षद गुरुग्राम के एक होटल में रुके हुए हैं। दोनों ही गुट राव साहब से मिलने का समय मांग रहे हैं।
मार्च 2016 में जिला प्रमुख के चुनाव हुए थे। उस दौरान राजेश देवी मात्र एक वोट से विजयी हो गई थी। राजेश देवी को शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा का आशीर्वाद था। उन्होंने ही राजेश देवी को जिला प्रमुख की कुर्सी दिलवाई थी। इसके बाद पांच जिला पार्षदों ने हमेशा विपक्षी भूमिका निभाई और बैठकों के दौरान भ्रष्टाचार एवं काम नहीं होने के मुद्दे उठाये। पार्षदों ने जिला प्रमुख पर आरोप लगाया कि सभी वार्डों में समान विकास नहीं करवाया जा रहा। इसके अलावा जिला प्रमुख अपने चहेतों को ही निर्माण कार्यों का ठेका दे रहे हैं। नाराज पार्षद एक जुट होकर शुक्रवार को भ्रमण के नाम पर गुरुग्राम चले गए। दो दिन से सभी पार्षद वही हैं। वे राव इंद्रजीत से मिलने की बाट जो रहे हैं। इसकी जानकारी जिला प्रमुख राजेश देवी के पति संजय यादव उर्फ पप्पल को हुई तो वो भी अपने पक्ष के पार्षदों को लेकर रात एक बजे गुरुग्राम पहुंच गए। अभी दोनों ही पक्ष अलग-अलग होटल में रुके हुए हैं। किसी भी पक्ष की राव इंद्रजीत की बातचीत नहीं हो पाई।
विज्ञापन

राव इंद्रजीत करेंगे फैसला
जिला प्रमुख की कुर्सी को लेकर महेंद्रगढ़ में सियासत गरमा गई है। दोनों ही गुट केंद्र राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह के दरबार में पहुंच गए हैं। दोनों ही अपनी-अपनी बात राव इंद्रजीत सिंह के सामने रखेंगे। इसके बाद राव इंद्रजीत सिंह फैसला लेंगे कि राजेश देवी कुर्सी बची रहेगी या जाएगी। राजेश देवी रविवार को महेंद्रगढ़ पहुंच रहे शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा से भी मिलेंगी।

यह रहेगी रूपरेखा
विपक्षी पार्षदों ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि उनका दो सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल राव इंद्रजीत से मिल चुका है और दिल्ली आवास पर रविवार को नौ बजे का समय दिया है। उन्होंने बताया कि रविवार को राव इंद्रजीत से विचार करने के बाद वो अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे और उसके बाद राव इंद्रजीत जिसको आशीर्वाद देंगे, उसको ही जिला प्रमुख बनाया जाएगा।
विज्ञापन


अविश्वास प्रस्ताव के लिए 13 पार्षद जरूरी
आपको बता दें कि अविश्वास प्रस्ताव के लिए दो तिहाई पार्षदों का होना जरूरी है। जिले में 20 पार्षद हैं। इनमें से एक की मृत्यु हो गई अब 19 जिला पार्षद शेष हैं। 19 पार्षदों में अविश्वास प्रस्ताव के लिए 13 पार्षदों की जरूरत होगी। इस समय विपक्षी खेमे में 13 पार्षद एकजुट हैं। अगर ये पार्षद अंतिम समय तक एक जुट रहे तो जिला प्रमुख राजेश देवी की कुर्सी जाना तय है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें