अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। जीएसटी की मार पूर्व सैनिक एवं सैनिकों के परिवारों पर भी पड़ती दिखाई दे रही है। पूर्व सैनिकों एवं सैनिकों परिवार को कम कीमतों पर सामान देने वाली चिंकारा कैंटीन में अब 50 प्रतिशत सामान भी उपलब्ध नहीं है। जो माल आ रहा है, वह भी पुरानी कीमतों का आ रहा है। हालात यह है कि सैनिक परिवारों को जरुरत का सामान भी कैंटीन से नहीं मिल रहा है। इससे उन्हें परेशानी हो रही है।
इस कैंटीन से महेंद्रगढ़, कनीना, सतनाली के सैनिक और पूर्व सैनिक परिवार सामान लेने आते हैं। जीएसटी लागू होने के बाद कैंटीन से शैंपू, साबुन, मैगी, तेल, वाशिंग पाउडर, परफ्यूम, फेस क्रीम बिस्कुट आदि सामान भी नहीं मिल रहा। जीएसटी के लागू होने के बाद कैंटीन में आधा सामान आ रहा है। बताया जा रहा है कि 70 लाख रुपये के सामान की डिमांड भेजी गई थी। माल मात्र 38 लाख रुपये का आया है। यह माल 14 जुलाई को आया था। कैंटीन में लगभग 500 से अधिक उत्पाद मिलते हैं। इनमें से बहुत से आ ही नहीं रहे।
कैंटीन में सामान नहीं आ रहा, बहुत सी जरुरतमंद वस्तुएं कैंटीन में नहीं मिल रहीं। चार दिन पहले ही माल आया है। तब ये हाल हैं। अब बाजार से ही सामान लेना पड़ेगा।
-संजय
कैंटीन में क्रीम, आंवला, तेल, वाशिंग पाउडर भी नहीं मिल रहा। अब बाजार से खरीदना पड़ेगा। जो सूची दी थी, उसमें से आधा भी माल नहीं मिला।
-सुनील।
सामान बहुत कम आ रहा है। बिस्कुट और मैगी, शैंपू, क्रीम आदि नहीं मिल रहा। केवल नाम मात्र का सामान आ रहा है। दोबारा सामान आएगा तब फिर देखेंगे।
-विकास गुप्ता।
हमारा माल हिसार डिपो से आता है। डिपो में जो माल उपलब्ध था, वो आ चुका है। जीएसटी अभी तक आर्मी कैंटी के सामानोें पर पूरी तरह से लागू नहीं हुआ है। जब यह हो जाएगा तो सभी सामान आ जाएंगे। अभी 25 जुलाई तक दूसरी गाड़ी आनी है। उम्मीद है, उसमें माल पूरा आएगा।
-विद्यानंद, मैनेजर चिंकारा कैंटीन।