जिले में शनिवार को क्लर्क भर्ती की परीक्षा कड़े पहरे में हुई। किसी भी परीक्षा केंद्र पर कोई घटना नहीं हुई। परीक्षा में पहली बार परीक्षार्थी का फेस स्कैन किया गया ताकि कोई फर्जी परीक्षार्थी परीक्षा न दे सके। इससे पहले गेट पर परीक्षार्थियों के रोल नंबर पर दिए गए क्यूआर कोड भी चेक किए गए। तीन जगहों पर चेकिंग के बाद परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन में बैठने दिया जा रहा था। शनिवार को जिले के 90 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 26952 परीक्षार्थी परीक्षा देनी थी। लेकिन पहले दिन मात्र 15807 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। शनिवार 11145 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। ड्यूटी देने वाले सभी कर्मचारी और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखे।
परीक्षा के दौरान जाम को रोकने के लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हुए थे। क्लर्क की परीक्षा तीसरी आंख की नजर में हुई। केंद्रों के अंदर और बाहर सीसीटीवी लगाए गए थे। पेपर लाने और ले जाने तक सभी कार्यों की वीडियोग्राफी की गई थी। इसके अलावा परीक्षा भवन में बैठे एक-एक परीक्षार्थी की रोल नंबर के साथ वीडियोग्राफी की गई थी। केंद्रों पर लगे जैमर के कारण केंद्र के 200 मीटर दूरी तक मोबाइल रेंज नहीं आ रही थी। परीक्षा केंद्र पर नकल रहित परीक्षा करवाने के लिए जैमर लगाए थे ताकि केंद्र पर मोबाइल काम न कर सके। परीक्षा भवन के अंदर जाने से पहले पुलिस ने महिलाओं के कान के टॉप्स, नोज पिन, जुराब, पायल, पर्स, बेल्ट, मोबाइल आदि बाहर निकलवा दिए थे। महिलाओं को केवल मंगलसूत्र पहन कर ही अंदर जा सकती थी। हाथ पर बंधे धागे भी पुलिस ने उतरवा दिए थे। फिर भी मुख्य द्वार के अलावा दो अन्य स्थानों पर भी चेकिंग की गई।
वेरिफाइड होने पर ही बैठने दिया परीक्षा भवन में
मुख्य द्वार पर चेकिंग के बाद केंद्र के अंदर परीक्षार्थियों के आधार कार्ड, एडमिट कार्ड चेक किए जा रहे थे। इसके अलावा रोल नंबर पर लगे क्यूआर कोड भी मशीन से चेक रहे थे। बायोमीट्रिक मशीन पर थम इंप्रेशन हाजिरी दर्ज की जा रही थी। पेपर शुरू होने के बाद हस्ताक्षर तथा पेपर खत्म होने से पहले परीक्षार्थियों के हस्ताक्षर एवं अंगूठे लगवाए गए थे।
परिजनों ने जिले में परीक्षा करवाने की मांग की
रामनिवास गोदारा फतेहाबाद, राधेश्याम गुरुग्राम, राजेश, संदीप आदि ने बताया भर्ती परीक्षा गृह जिले में आयोजित की जानी चाहिए। बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने बताया कि एक परीक्षा पर तीन से पांच हजार रुपये का खर्चा आ जाता है। होटल वाले 2000 रुपये प्रति कमरे का किराया वसूल रहे हैं। खाने पीने का अलग से खर्चा हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी तो उन युवतियों को है जिनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। उन बच्चों को भी साथ लेकर आना पड़ता है। उन्होंने शिक्षामंत्री से मांग की है कि अगली बार एचटेट की परीक्षा जिले में ही की जाए ताकि किसी भी परीक्षार्थी को परेशानी न उठानी पड़े।
जिले में कुल 90 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित करवाई गई थी। सभी परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण परीक्षा हुई। किसी प्रकार की कोई घटना नहीं घटी। करीब 15807 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। शनिवार 11145 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
- जगदीश शर्मा, उपायुक्त, नारनौल।