नारनौल। चितवन वाटिका में नांगल चौधरी क्षेत्र के लोगों ने क्रेशर के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोग चितवन वाटिका से विरोध प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जहां पर सामाजिक कार्यकर्ता तेजपाल यादव के नेतृत्व में डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
तेजपाल यादव ने बताया कि एनजीटी ने तीन स्टोन क्रेशरों की एनओसी रद्द कर चुकी है। इसमें तीन अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है। इसमें दो तहसीलदार चार्जशीट व डीटीपी के एक जेई सस्पेंड हो चुका है। अब एनजीटी में इस मामले की 24 जुलाई को सुनवाई होनी है। ज्ञापन में बताया कि क्रशर से उड़ती धूल से क्षेत्र के लोग दमा, टीबी, सिलिकोसिस आदि जैसी गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे है। उन्होंने मुख्यमंत्री से नांगल चौधरी क्षेत्र के 35 गांवों के लोगों की प्रदूषण संबंधित समस्या जल्द से जल्द हल कराने की मांग की है। तेजपाल ने कहा कि प्रशासन और सरकार एनजीटी में 24 जुलाई को होने वाली सुनवाई में से जांच पूरी करें। इसके अलावा जिला महेंद्रगढ़ में अब नई स्टोन क्रशरों, ग्राइंडिंग मिनरल यूनिट या प्रदूषण फैलाने वाली किसी औद्योगिक इकाई खोलने पर प्रतिबंध लगाया जाए। बता दें कि इससे पहले भी नांगल चौधरी के खतोली जाट समेत अन्य गांव के लोग क्रशर को लेकर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। उनका कहना है कि गांव के पास में क्रेशर होने से उन्हें परेशानी हो रही है। इसी मामले में लोगों ने एनजीटी में याचिका दायर की हुई है। जिसकी सुनवाई चल रही है।