नारनौल। मौसम विभाग की मानें तो तीन जुलाई को मानसून के दस्तक देने की संभावना है। इससे पूर्व नगर परिषद की ओर से रविवार को सफाई अभियान की शुरूआत की गई। लेकिन नप की टीम पहले ही दिन पार्क गली में बने नाले की सफाई के कार्य में महज खानापूर्ति करके चली गई। लोगों ने कहा कि नगर परिषद प्रशासन की ओर से सफाई कार्य की ठीक प्रकार से मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। जेसीबी मशीन से नाले का पूरा कीचड़ नहीं उठाया गया। सफाईकर्मी जेसीबी मशीन से केवल औपचारिकता ही पूरी करके चले गए। पूरी सफाई न होने से अभी भी नाले में पानी जाम है। पानी की निकासी तक नहीं हो रही है। पूरी सफाई नहीं होने से अभी भी नाला जाम है। पानी की निकासी तक नहीं हो रही है।
नगर परिषद कर्मचारियों ने सबसे पहले पार्क गली व बस स्टैंड के पास बने नाले की सफाई की है। दुकानदारों द्वारा नाले पर स्लैब डाले हुए होने के कारण सफाई में अड़चन बने हुए है। सफाई अभियान के बीच आने वाले चबूतरों को हालांकि नप की ओर से नहीं हटाया जा रहा है। केवल 50 मीटर खुले नाले से गंदगी निकालने का कार्य किया। रविवार को नप ने पार्क गली व बस स्टैंड के पास बने नाले की जेसीबी मशीन से सफाई की। नाले में जमा गंदगी व कचरे को वहीं डालने की बजाय सीधे ट्राली में भरकर ले जाया गया, ताकि दुकानदारों व लोगों को गंदगी से परेशान न होना पड़े। नप ने वार्डों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया है। इसके तहत नप की सफाई कर्मचारियों की टीम हर रोज दोपहर दो बजे बाद शहर के दो वार्डों की सफाई करेगी।
गौरतलब है कि पिछले कई माह से नालों की सफाई नहीं होने से इनमें गंदगी जमा है और कूड़ा-कर्कट से अटे होने के कारण पानी निकासी सुचारु नहीं थी। बदहाल नाले दुकानदारों व लोगों के लिए परेशानी का कारण बने थे। अमर उजाला ने मानसून से पूर्व नारनौल शहर के नालों की सफाई न होने की समस्या को लेकर अभियान चलाया हुआ है।
बरसाती नालों की सफाई के लिए प्रशासन गंभीर है। मानसून आने से पहले शहर के सभी बड़े नालों की सफाई करवा दी जाएगी। वहीं, नालियों की सफाई के लिए सफाई कर्मचारियों की टीम गठित की गई है जो हर रोज दो वार्डों की सफाई करेगी।
- मुकेश शर्मा, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।