कनीना। अनाज मंडी में अप्रैल-मई सरसों की खरीद करने वाली एजेंसी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते व्यापारियों को डेड माह बाद भी पैसों का भुगतान नहीं किया गया है। व्यापारियों ने बताया कि 15 मई को हुई खरीद का भुगतान आज तक नहीं किया गया है जिसके चलते व्यापारी, किसान दोनों परेशान हैं। सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक 72 घंटे में किसानों को भुगतान किया जाना था लेकिन डेढ़ माह बाद भी पेमेंट नहीं की जा सकी है। जिसके चलते परेशान व्यापारियों ने सीएम विंडो पर शिकायत देकर एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
यह दी शिकायत : सीएम विंडो पर दी शिकायत में मंडी के व्यापारियों ने कहा कि सरसों, गेहूं की गाड़ियों के धर्म कांटे पर तुलाई का खर्चा खरीद ऐजेंसी की ओर से न देकर हैंडलिंग एजेंटों से वसूला गया है। इसी प्रकार प्लास्टिक के बैग का वजन 150 ग्राम प्रति बैग के हिसाब से काटा गया है जो गलत है। गेहूं का भुगतान आढ़तियों को माह भर बाद किया गया है जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से सप्ताह भर देरी से पेमेंट होने पर ब्याज देने की घोषणा की गई थी। उन्हें कोई ब्याज नहीं दिया गया।
एजेंसियों पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप: इंद्रमल हरिराम, भूमेश ट्रेडिंग कंपनी, डिंपल ट्रेडिंग, श्याम ट्रेडिंग, भागमल निरंजनलाल, मुंशीराम एंड संस, इंद्रमल वेदप्रकाश, रामनिवास खुशीराम, आलोक खाद भंडार, गोयल ट्रेडिंग कंपनी, सूरजभान जगदीश प्रसाद, रामनिवास रोहताश कुमार, रामजीलाल रामकिशन, रामबक्स सुरेंद्र, गुरदयालमल परसराम, मातादीन मिश्री लाल फर्म के संचालकों ने बताया कि पूर्व के समय किसी भी खरीद एजेंसी ने जीएसटी नहीं वसूली जबकि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने आढतियों से 5 प्रतिशत जीएसटी चार्ज की जिसका भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। व्यापारियों ने कहा कि कनीना मंडी में खरीदी गई सरसों को घरौंडा भेजा गया था, अधिकारियों पर धर्मकाटेे की मिलीभगत कर कम वजन करने का आरोप लगाया। व्यापारियों ने कहा कि खरीद एजेंसी के अधिकारियों, कर्मचारियों का व्यवहार मंडी में खरीद के दौरान एक तानाशाह की भांति रहा, जिनकी बदौलत उन्होंने 75 लाख रुपये मजदूरी, लाखों रुपये की जीएसटी का भुगतान उनके द्वारा किया हुआ है, जो अभी तक रिफंड नहीं किया गया है।
यह ठेका उनके नाम से था जबकि देखरेख महेंद्रगढ़ वासी बाबूलाल ने की थी। सरसों की खरीद कर उसे घरोंड़ा भेजा जा रहा था। उस समय गाड़ियों की कमी थी उन्होंने व्यापारियों को 75 रुपये प्रति क्विंटल का किराया देने की हामी भरवाकर सरसों वहां भेजी गई। उनकी ओर से आढ़तियों को जल्द ही किराए का भुगतान किया जाएगा। -सुशील, ठेकेदार, हांसी
बजट उपलब्ध न होने के कारण पेमेंट नहीं की जा सकी है। जल्द ही भुगतान किया जाएगा। अन्य सवालों के जवाब में कहा कि मैं बाहर हूं और कुछ नहीं बता सकता। -कप्तान सिंह, डीएफएससी महेंद्रगढ़।