महेंद्रगढ़। प्रदेश के शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने कहा कि योग का अर्थ है जोड़। लोगों को जोड़ने का काम करने वाले मंत्र का नाम है योग। आप योग को अपनाएं शरीर-आत्मा सभी से जुड़ जाएंगे। महेंद्रगढ़ जिले की मिट्टी में पैदा हुए बाबा रामदेव ने योग गुरु बनकर योग की पताका फहराई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पताका को विश्व में चमकाने का काम किया। आज विश्व के 198 देशों ने योग दिवस मनाया जा रहा है। करोड़ों लोग योग का फायदा उठा रहे हैं।
प्रो. रामबिलास शर्मा शुक्रवार को राजकीय पीजी कॉलेज के खेल मैदान में आयोजित 5 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में उपस्थित योग साधकों को संबोधित कर रहे थे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सुुबह 6 बजे से 8 बजे तक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि भारत में योग के माध्यम से स्वस्थ रहने की करीब 5 हजार वर्ष प्राचीन मानसिक, शारीरिक एवं आध्यात्मिक पद्धति के रूप में मान्यता प्राप्त है। पांच वर्ष पूर्व संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का ऐलान करके पूरी दुनिया को स्वस्थ रहने का मंत्र दे दिया। उन्होंने कहा कि मैं भी हर रोज योगा करता हूं। आप सभी भी योगा को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं क्योंकि योग शरीर को निरोग रखने का सबसे बड़ा माध्यम है। आधुनिक समय की भाग दौड़ जिंदगी में स्वस्थ शरीर सबसे बड़ा सुख है। उन्होंने कहा कि योग शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक बढ़ोतरी का मूलमंत्र है इसलिए प्रतिदिन करें योग एवं शरीर को रखें निरोग।
यह भी योग के साधक बने
इस मौके पर उपायुक्त जगदीश शर्मा, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन, एसडीएम डॉ. विनेश कुमार, नायब तहसीलदार किफायत उल्ला नोडल अधिकारी डॉ. सुमन, वेदप्रकाश आर्य, सुशीला, डॉ. भंवर सिंह, डॉ. सुदर्शन यादव, भारत स्वाभिमान खंड प्रभारी जुगबीर सिंह, श्याम योगी खैरोली, यदुराज, योग समिति के संचालक बाबा नारायण दास, डीएसपी दयाराम, बीईओ आरपी कौशिक, कॉलेज के प्राचार्य एमआर लांबा, चेयरमैन कंवर डालू सिंह, चेयरमैन कंवर सिंह यादव खातोद सहित अन्य ने योग किया।
बच्चों को दें संस्कार
शिक्षामंत्री ने कहा अभिभावक बच्चों को अच्छे स्कूल में भेजकर ही अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेते हैं। बच्चे की पहली गुरु उसकी मां होती है। अभिभावक अपने बच्चों के साथ समय बिताएं। उन्हें संस्कार दें। बच्चे की रुचि पहचानकर उसे उसी क्षेत्र में पारंगत करने का प्रयास करें। हर बच्चा डॉक्टर, इंजीनियर बनाना जरूरी नहीं।