नारनौल। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी बीईओ से हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के 10वीं कक्षा के घोषित परिणाम की रिपोर्ट मांगी है। जिससे स्कूल वाइज रिजल्ट का आंकलन किया जा सके। इसमें 20 से 50 फीसदी तक वाले स्कूल शामिल है। हालांकि महेंद्रगढ़ ब्लॉक में चार ऐसे स्कूल हैं, जिनका रिजल्ट 16 से 22 फीसदी के बीच है।
डीईओ अजीत सिंह सांगवान ने बताया कि जिले में 10वीं और 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम ओवर ऑल ठीक रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ स्कूलों का रिजल्ट खराब भी है। ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट तलब की गई है। डीईओ ने बताया कि 20 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम रहने वाले स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे स्कूलों के प्रधानाचार्य और टीचरों से बैठक पर खराब रिजल्ट पर चर्चा की जाएगी। बीईओ से भी कहा गया है कि वह अपने स्तर पर स्कूल वाइज रिजल्ट का आंकलन करें। खराब परीक्षा परिणाम के कारणों और शिक्षकों से जवाब मांगा जाएगा। डीईओ ने बताया कि जल्द ही सभी प्रधानाचार्यों के साथ बैठक होगी। इसमें परीक्षा परिणामों पर चर्चा की जाएगी। अच्छे स्कूलों को सम्मानित किया जाएगा। बीईओ अटेली राजेंद्र सिंह ने कहा कि ब्लॉक में 10वीं कक्षा में 20 फीसदी से कम रिजल्ट वाले स्कूल नहीं है।
सतनाली स्कूल का 16 फीसदी रहा था रिजल्ट
महेंद्रगढ़ ब्लॉक के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल सतनाली में कक्षा 10वीं में 86 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। इसमें 14 छात्र ही पास हो पाए। स्कूल का रिजल्ट 16.09 फीसदी रहा है। जीएचएस कुरौटा में 18 छात्र परीक्षा में शामिल हुए जिनमें चार पास हुए है। स्कूल का रिजल्ट 22.22 फीसदी है। जीएसएसएस खातोदरा में 37 छात्रों में से 9 छात्र पास हुए हैं। स्कूल का रिजल्ट 18.92 फीसदी है। जीएसएसएस नावन में 10वीं में 62 छात्रों में से 14 छात्र पास हुए हैं। स्कूल का रिजल्ट 22.58 फीसदी रहा है। इसके अलावा 15 ऐसे स्कूल हैं,जिनका परीक्षा परिणाम 50 फीसदी से कम है।
टीचरों को टीम वर्क से काम करना होगा : नरेंद्र सांगवान
स्कूल लेेक्चरर एसोसिएशन के जिला प्रधान नरेंद्र सांगवान ने कहा कि कई स्कूलों में टीचरों की कमी हैं। दूसरा टीचरों में टीम वर्क की भी कमी है। इससे परीक्षा परिणाम पर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि टीचरों के ध्यान देने से परिणाम बेहतर हो सकता है। प्रधान ने कहा कि प्रधानाचार्य को भी इस पर ध्यान देना होगा। लेक्चरर को नौवीं कक्षा के पठन पाठन पर ध्यान देना होगा ताकि 10वीं कक्षा के रिजल्ट में सुधार हो सके। साइंस व एसएस एक ही टीचर पढ़ाए। उन्होंने कहा कि बोर्ड के परीक्षा परिणाम में कई स्कूलों के रिजल्ट अच्छा रहा है।