नारनौल। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के लाभार्थियों के लिए राहत की खबर है। अब आंख, पेट संबंधी, चिकनगुनिया, महिला रोग, डायरिया, डेंगू और मलेरिया समेत 157 बीमारियों का उपचार सरकारी अस्पताल के साथ पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में हो सकेगा। सरकार ने 304 आरक्षित सेवाओं में से 157 सेवाओं में छूट दे दी है।
आयुष्मान भारत के तहत 1350 पैकेज का निर्धारण किया गया है। इसमें से करीब 304 सेवाएं मरीज सरकारी अस्पतालों में ही उठा सकते थे। इसमें ऐसी बीमारियां थी, जिससे अक्सर लोग पीड़ित रहते हैं। जनहित के मद्देनजर अब सरकार ने 304 आरक्षित सेवाओं में से 157 सेवाओं में छूट दे दी है। नागरिक अस्पताल में आयुष्मान भारत के जिला सूचना प्रबंधक उमेश सैनी ने बताया कि सरकार ने 157 आरक्षित सेवाओं में छूट दी है। इन सेवाओं का लाभ पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में मरीज ले सकता है। उन्होंने बताया कि इसमें मोतियाबिंद, अपेंडिस्क, स्त्री रोग, आंख संबंधी, पेट संबंधी, चिकनगुनिया, महिला रोग, डायरिया, डायबटिज, सांस की बीमारी, डेंगू, मलेरिया, आंत संबंधी, एचआईवी, सांप का काटा हुआ, लीवर समेत अन्य बीमारियां शामिल है। मरीज अपनी सुविधा अनुसार सरकारी या निजी अस्पताल में इन सेवाओं का लाभ ले सकता है।
सीएचसी पर आयुष्मान भारत मित्र होंगे तैनात
जिले की सात सीएचसी पर आयुष्मान भारत की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सीएचसी पर विभाग ने संसाधन उपलब्ध करा दिए हैं। जल्द ही इन सेंटरों पर आयुष्मान मित्र की नियुक्ति की जाएगी। सीएचसी पर यह सेवा मिलने से लोगों को जिला अस्पताल पर गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए नहीं आना पड़ेगा। पास के अस्पताल में उपचार करा सकेंगे।
बायोमिट्रिक वेरिफिकेशन होगा
आयुष्मान भारत के तहत एक और भी बदलाव होने जा रहा है। सरकारी व निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत के मरीजों के भर्ती होने पर बायोमिट्रिक वेरिफिकेशन होगा। इसके बाद डिस्चार्ज के दौरान भी बायोमिट्रिक वेरिफिकेशन होगा। जिला सूचना प्रबंधक उमेश सैनी ने बताया कि सरकारी अस्पताल में बायोमिट्रिक वेरिफिकेशन का इंतजाम है। निजी अस्पतालों से भी बायोमिट्रिक मशीन की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके बाद सभी अस्पतालों में यह सिस्टम सेटअप कर दिया जाएगा। नारनौल और महेंद्रगढ़ में दस निजी अस्पताल पैनल में शामिल है।
50 हजार गोल्डन कार्ड बने-
आयुष्मान भारत के तहत 50 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुुके हैं। जिले में 2.25 लाख लोगों के गोल्डन कार्ड बनाएं जाने हैं। जिला अस्पताल में 191 मरीजों का उपचार हो चुका है। 134 मरीजों के उपचार के बाद पैसे विभाग मिल चुके हैं। महेंद्रगढ़ अस्पताल में 27 मरीजों का उपचार हुआ है और 25 के पैसे मिल चुके हैं। बता दें कि इस योजना के तहत 2011 में हुए सामाजिक आर्थिक आंकड़े को आधार मानकर लाभार्थियों की सूची बनाई गई है। इस जिले में करीब 45 हजार परिवार लाभपात्र हैं। शहरी क्षेत्र में करीब 10 हजार लाभपात्र हैं।
डायलिसिस की सुविधा मिलेगी-
जिला अस्पताल में किडनी के मरीजों के लिए पीपीपी मोड पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। मरीज जिला अस्पताल में उपलब्ध इस सेवा का लाभ आयुष्मान भारत की ओर से उठा सकेंगे। इसके लिए मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल आना होगा। इसके बाद ऐसे मरीजों को डायलिसिस सेंटर पर रेफर कर दिया जाएगा। जहां पर उनका उपचार हो सकेगा।
दो सरकारी और 10 निजी अस्पताल पैनल में शामिल
नारनौल। जिले में दो सरकारी नागरिक अस्पताल और दस निजी अस्पतालों को पैनल पर लिया गया है। इसमें सरकारी जिला अस्पताल नारनौल व उप नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ है। निजी अस्पतालों में विजय अस्पताल नारनौल, संवेदना अस्पताल नारनौल, कृष्णा आई अस्पताल नारनौल, कृष्णा आई अस्पताल महेंद्रगढ़, गंगा देवी पांडे अस्पताल महेंद्रगढ़ व इमरान ईएंडटी अस्पताल नारनौल, शांति अस्पताल नारनौल, सिंघल अस्पताल नारनौल, हेमंत अस्पताल नारनौल और बंसल आईकेयर महेंद्रगढ़ शामिल हैं।