अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। शहर को सुंदर, स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के नाम पर लाखों रुपये महीने खर्च करने के बावजूद स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में महेंद्रगढ़ हरियाणा के अंदर 59वें स्थान पर आया है। पिछले साल महेंद्रगढ़ को 42वां रैंक मिला था। शहर में जगह-जगह पड़े गंदगी के ढेरों को देखकर कोई भी शहर की स्थिति का अंदाजा लगा सकता है। सर्वेक्षण की सूची देखी जाए तो महेंद्रगढ़ नीचे से चौथे स्थान पर आया है। इतना ही नहीं पूरे जिले में भी महेंद्रगढ़ सबसे नीचे है। पिछले वर्ष प्रदेश में 14वां रैंक प्राप्त करने वाला नारनौल की स्थिति भी ज्यादा अच्छी नहीं है। वह भी फिसल कर 43वें पायदान पर चला गया है। जिले में कनीना और नांगल चौधरी ने ही पिछले वर्ष की तुलना में मामूली सा सुधार किया है।
बता दें कि जनवरी में अटेली, कनीना, नारनौल, नांगल चौधरी और महेंद्रगढ़ में स्वच्छता सर्वेक्षण किया गया था। इस सर्वेक्षण के दौरान शौचालय, गंदगी, नालियां, सीवरेज सिस्टम, गंदगी, डस्टबिन चेक किए गए थे। इसके अलावा जनता से स्वच्छता के बारे में फीडबैक भी लिया गया था। जिनका रिजल्ट बुधवार को घोषित किया जा चुका है। इसमें महेंद्रगढ़ ने प्रदेश में 59वीं रैंक प्राप्त की है। नारनौल 43, कनीना 53, नांगल चौधरी 48, अटेली ने 57वीं रैंक हासिल की है।
2018 के मुकाबले और नीचे गया महेंद्रगढ़
स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 के मुकाबले इस बार सर्वेक्षण में महेंद्रगढ़ हरियाणा के अंदर 42वें पायदान से फिसलकर 59वें पायदान पर तथा नार्थ जोन में 396वें पायदान से फिसलकर 880वें पायदान पर पहुंच गया है। हालांकि सर्वेक्षण में लगभग सभी रिपोर्ट नेगेटिव गई है। इसी वजह से महेंद्रगढ़ केवल 5000 में से 1182.33 अंक स्कोर कर पाया है।
अधिकतर मामलों में पूरी तरह से फेल रहा है महेंद्रगढ़
सर्वेक्षण में महेंद्रगढ़ शहर को दी गई रैंक में सफाई के अलावा अन्य मामलों में भी पीछे रहा। शहर के शौचालयों का बुरा हाल था, न तो उनकी सफाई हो रखी थी और न ही सीवर लाइन से जुड़े हुए थे। शहर में मोबाइल टॉयलेट का अभाव भी रहा। सफाई के मामले में भी पूरी तरह से फेल पाए गए थे। इसके अलावा शहर में न तो एक भी डस्टबिन पाया गया और न ही घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था है। शहर के अंदर गीले व सूखे कूड़े की छंटाई की भी कोई व्यवस्था नहीं है। शहर में स्वच्छता का संदेश देने के लिए सर्वेक्षण टीम द्वारा दीवारों पर नारे लिख बनाई जाने वाली चित्रकारी भी कम मिली।
दो वर्ष में नहीं खर्च हो पाए 50 लाख रुपये
शहर की स्वच्छता के लिए केंद्र सरकार की ओर से अलग से बजट जारी किया जाता है। 2017 में महेंद्रगढ़ शहर की साफ-सफाई, शौचालय आदि के लिए 50 लाख रुपये जारी किए गए थे। यह राशि शौचालय, एक्टिविटी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट आदि पर खर्च किया जाना था। इनमें अभी तक 25 लाख रुपये मुश्किल से स्वच्छता पर लगाए गए हैं। 2018 में 23.66 लाख रुपये से शहर में शौचालय बनाए गए थे। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए भी पैसा खर्च किया गया था। 2019 में मात्र 20 हजार रुपये होर्डिंग्स, फ्लैक्स आदि पर लगाए गए हैं। अगर लोगों को जागरूक करने पर पैसा खर्च किया जाता तो शहर की रैंकिंग इससे बेहतर होती।
2018 की सर्वेक्षण रिपोर्ट
स्थान अंक नार्थ जोन रैंक राज्य रैंक
महेंद्रगढ़ 1415 396 42
कनीना 1191 658 59
नारनौल 1818 94 14
अटेली 1503 310 35
नांगल चौधरी 1243 598 56
2019 की सर्वेक्षण रिपोर्ट
स्थान अंक नार्थ जोन रैंक राज्य रैंक
महेंद्रगढ़ 1182.33 880 59
कनीना 1360.43 747 53
नारनौल 1586.22 583 43
अटेली 1248.39 837 57
नांगल चौधरी 1424.41 701 48