अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। सेंट्रल यूनिवर्सिटी में 27 फरवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह में इस बार विद्यार्थी भारतीय लिबास में उपाधि हासिल करेंगे। यूनिवर्सिटी ने अंग्रेजी संस्कृति की पहचान वाले गाऊन को त्यागने का फैसला लिया है। छात्र सफेद रंग के कुर्ता-पायजामा में डिग्री लेंगे। छात्राएं क्रीम कलर की साड़ी या सूट सलवार में उपाधि हासिल करेंगी। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद की बैठक सोमवार को कुलपति प्रोफेसर आरसी कुहाड़ की अध्यक्षता में हुई। जिसमें फैसला लिया गया कि इस बार दीक्षांत समारोह में भारतीय परंपरा वाली वेशभूषा में डिग्री प्रदान की जाएंगी। मुख्य अतिथि से लेकर सभी अतिथिगण भी भारतीय वेशभूषा के अनुसार कुर्ते-पायजामे में आएंगे। 27 फरवरी को आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में कुल 460 विद्यार्थियों को उपाधियां दी जाएंगी। समारोह के मुख्यातिथि जवाहरलाल यूनिवर्सिटी के कुलपति जगदीश कुमार दीक्षांत भाषण देंगे। भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। समारोह में सभी छात्रों को सफेद रंग का कुर्ता-पायजामा पहनकर आना होगा। उनके कंधे पर क्रीम कलर का बार्डर वाला अंग वस्त्र भी रहेगा। छात्राओं को क्रीम रंग का सूट सलवार या इस रंग की साड़ी पहनकर आनी होगी। क्रीम रंग की साड़ी में बार्डर होना चाहिए।
460 को मिलेंगी उपाधियां
दीक्षांत समारोह में 460 विद्यार्थियों को उपाधि दी जाएंगी। जिसमें 11 को पीएचडी की उपाधि दी जाएंगी। 33 विद्यार्थियों को एमफिल की उपाधि मिलेगी। 416 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर की उपाधि मिलेगी। कुुल 13 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल दिए जाएंगे।
वर्जन
हमें अपनी संस्कृति तथा अपने पहनावे पर गर्व होना चाहिए। इसी भावना के चलते हमने दीक्षांत समारोह में ड्रेस कोड़ को बदला है। लड़कों को सफेद रंग का कुर्ता-पायजामा और लड़कियों को क्रीम कलर की साड़ी या सूट सलवार में आना होगा। पूरा विश्वविद्यालय परिवार भी इसी वेशभूषा में रहेगा।
- प्रोफेसर आरसी कुहाड़, कुलपति, सेंट्रल यूनिवर्सिटी हरियाणा।