अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। गांव सिसोठ में हाउसिंग बोर्ड ने वर्ष 2011 में पहले के पहले रूरल हाउसिंग प्रोजेक्ट को लांच किया था, जिसमें दिसंबर 2013 तक लोगों को गांव में ही सपनों के आशियाने मिलने थे। करीब 5.65 करोड़ रुपये अदा करने और पजेशन की डेडलाइन को पांच साल बीतने के बाद भी मालिकों को अपने खुद के घर का इंतजार है।
वर्ष 2011 के अप्रैल में इसके लिए आवेदन लिए गए। हाउसिंग बोर्ड की यह स्कीम केवल सिसोठ गांव के लोगों के लिए ही थी। इस गांव के अलावा अन्य गांव या शहर के लोग इसमें आवेदन के लिए पात्र नहीं थे। आवेदकों को दिसंबर 2013 तक इसकी पजेशन देने का भरोसा दिया गया था। इसमें तीन अलग-अलग कैटेगरी के आवेदक दो किस्तों में 2011 से 2013 के बीच 2.60 लाख से लेकर 5.48 लाख रुपये तक जमा करा चुके हैं। तीसरी किस्त अलॉटमेंट के समय ली जानी है। इस कारण हाउसिंग बोर्ड इसकी किस्त नहीं ले पा रहा। करीब 40 प्रतिशत भुगतान के बाद बकाया 60 प्रतिशत को हाउसिंग बोर्ड 120 मंथली किस्त के जरिए लेगा। पजेशन की डेडलाइन के करीब 5 साल बाद भी मकान मालिकों को अपने गृहप्रवेश का इंतजार है। हाउसिंग बोर्ड की ओर से इस बारे में अभी नई डेडलाइन भी नहीं दी गई है।
लाखों चुकाने के बाद भी किराया दे रहे
हाउसिंग बोर्ड में अपने मकान के लिए लाखों रुपये अदा कर काफी लोगों ने अपने पुराने मकानों की रिपेयर नहीं कराई। कुछ लोगों ने अपने बच्चों को यह मकान गिफ्ट करना था। ऐसे लोग अब किराए का मकान लेकर समय गुजार रहे हैं। मजबूरी में कुछ लोग शहर में शिफ्ट हो गए।
मौके पर ऐसे मिले हालात
अमर उजाला टीम ने मौके का मुआयना किया तो पता लगा कि अभी 20 प्रतिशत से अधिक काम बाकी है। यहां रोड, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज, पेयजल की लाइनों का काम पूरा नहीं हो सका है। कुछ मकान जो बनकर तैयार हो गए वे अब खंडहर हो रहे हैं। मकानों की दीवारों में दरार आ रही हैं। कईयों के कांच टूट गए हैं। दरवाजों की हालात खराब हो रही है। घर के बाहर आंगन में घास उग आई है। इसके अलावा कई जगह से फर्श भी उखड़ गया है।
यह था प्रोजेक्ट
2008 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय में हाउसिंग बोर्ड हरियाणा ने ग्रामीणों के लिए मॉडर्न रूरल हाउसिंग स्कीम तैयार की थी। जिसमें ग्रामीणों को उनकी पंचायती जमीन पर हाउसिंग बोर्ड के शहरी सिंगल स्टोरी माडर्न हाउस बनाकर देने थे। सिसोठ गांव ने हाउसिंग बोर्ड को अगस्त 2008 में पंचायत की 10 एकड़ जमीन दी थी। 2011 में बोर्ड ने इस कॉलोनी के फॉर्म निकाले, जोकि केवल इसी गांव के लोग भर सकते थे।
इन तीन कैटेगरी में मिलने थे मकान
कैटेगरी टोटल हाउस प्लॉट एरिया कवर्ड एरिया कुल कीमत
टाइप वन 59 93.75 गज 492 स्क्वायर फीट 10.40 लाख
टाइप टू 37 159.56 गज 819 स्क्वायर फीट 17.40 लाख
टाइप थ्री 46 200 गज 1034 स्क्वायर फीट 21.90 लाख
वर्जन
पहले कुछ दिक्कतों के कारण काम रुका रहा। मौके का मुआयना करने के बाद नए सिरे से प्रोजेक्ट के बकाया काम का प्रपोजल बनाया गया था। हमने बिजली, पानी, सीवरेज के टेंडर कर दिए हैं। मार्च तक यह काम पूरे कर लिए जाएंगे। मार्च अंत या अप्रैल में पजेशन देने की तैयारी है।
- एनके साहू, एक्सईएन, हाउसिंग बोर्ड, गुरुग्राम