अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने सोमवार को प्रदेश के आठवें व देश के 232वें पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। इसी के साथ भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र देश का एकमात्र लोकसभा क्षेत्र बन गया जहां पर दो पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र स्थापित हो गए हैं।
मुख्य डाकघर में पासपोर्ट सेवा केंद्र का उद्घाटन अवसर पर सिंह ने कहा कि हरियाणा में इसी सप्ताह रोहतक व सोनीपत में भी पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले जाएंगे। सरकार ने पासपोर्ट को सरल व सुविधाजनक बनाने का बीड़ा उठाया है। यह सेवा देश के नागरिकों 50 से 60 किलोमीटर के दायरे में मिले, इस बात को लेकर संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि पहले पासपोर्ट बनवाने में महीनों लग जाते थे। लोग इस काम के लिए दलालों को ढूंढते थे। पासपोर्ट बनवाने की इस दुविधा को सुविधा में तब्दील कर दिया है। अब ऑनलाइन कंप्यूटर और मोबाइल एप से कोई भी नागरिक आसानी से आवेदन कर सकता है। उसे अपने समय अनुसार पासपोर्ट कार्यालय में जाकर कागजात जमा करवाने होते हैं और दो या तीन दिन में काम पूरा हो जाता है। उन्होंने कहा कि नारनौल में खोले गए सेवा केंद्र को पासपोर्ट बनवाने के लिए किसी बड़े स्तर पर अप्रुवल लेने की जरूरत नहीं होगी। यहीं से सभी प्रकार की मंजूरी दी जाएगी।
भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद चौ. धर्मवीर सिंह ने कहा कि हमें खुशी है कि यह लोकसभा क्षेत्र अब ऐसा क्षेत्र हो गया है, जहां दो पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले गए हैं। एक केंद्र पहले ही भिवानी में चल रहा है। उन्होंने कहा कि नारनौल में पासपोर्ट केंद्र के खुलने से यहां के नागरिकों को अब दूसरे जिले में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्थानीय विधायक ओमप्रकाश यादव ने कहा कि जनरल वीके सिंह का इस क्षेत्र से लगाव रहा है। उसी की बदौलत केंद्र खोला गया है। इस मौके पर पोस्ट मास्टर जनरल गुुरुग्राम अजय कुमार सिंह चौहान, एसडीएम जगदीश शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. सत्यानजल पांडेय, नगर परिषद चेयरपर्सन भारती सैनी, पासपोर्ट अधिकारी ओजिंद्र सिंह, डाक अधिकारी राजेंद्र सिंह, पोस्ट मास्टर ओपी चंदेला व हिम्मत सिंह के अलावा अन्य मौजूद रहे।
पासपोर्ट नियमों में सुधार हुआ
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा है कि सरकारी काम में कम से कम हस्तक्षेप हो और सुविधाओं का ज्यादा से ज्यादा सरलीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले तलाकशुदा महिलाओं को अपने पति का नाम लिखना होता था। अब ऐसी महिला केवल अपने नाम से ही पासपोर्ट बना सकती हैं। इसी प्रकार साधु-संतों की मांग पर पिता के नाम की जगह उनके गुरु के नाम को भी दर्ज करने की इजाजत दे दी गई है। पहले पासपोर्ट बनवाने के लिए किसी राजपत्रित अधिकारी से दस्तावेज अटेस्ट करवाने होते थे। अब आवेदक केे सत्यापन को ही मंजूरी दे दी है। इसके अलावा तत्काल पासपोर्ट के लिए भी आवेदक को अपने को किसी अपराध से न जुड़ा होने का एक एफिडेविट देना होता है। इसकी वेरिफिकेशन बाद में पुलिस द्वारा की जाती है।
राजस्थान के लोगों को भी राहत मिलेगी
पोस्ट आफिस पासपोर्ट सेंटर के शुभारंभ होने से रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, दादरी के अलावा कोटपूतली, झुंझंनूं, अलवर, सिंघाना समेत नारनौल से सटे शहरों के लोगों को अब दूर नहीं जाना होगा। डाकघर नारनौल में पासपोर्ट बनवा सकेंगे। इससे पहले नारनौल के लोगों को पासपोर्ट के लिए दिल्ली या चंडीगढ़ जाना पड़ता था।
पहले दिन पांच के कागजात संबंधी जांच हुई
पासपोर्ट केंद्र के वेरिफिकेशन अधिकारी प्रवीन चौहान ने बताया कि पहले दिन पांच लोगों के कागजातों की जांच हुई। इस दौरान सभी के कागजातों की जांच और जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराई गई। इन लोगों ने पासपोर्ट के लिए दिल्ली पासपोर्ट ऑफिस में आवेदन किया था। जिसके बाद उन्हें सोमवार को नारनौल सेंटर पर भेजा गया। मंगलवार को 20 लोगों को अपॉइंटमेंट मिला है।
बोले आवेदक
पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन दिल्ली में किया था लेकिन नारनौल में यह सेवा शुुरू होने से दिल्ली नहीं जाना पड़ा। यहीं पर समय मिल गया। इससे समय और पैसे की बचत हुई है।
- जतिन, नारनौल।
एक सप्ताह पहले ऑनलाइन पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। उन्हें नारनौल में समय मिला। शहर में सेवा शुरू होने से लोगों को अब दिल्ली या दूसरी जगहों पर नहीं जाना होगा। अपनी सुविधा अनुसार पासपोर्ट बनवा सकेंगे।
- अनीता, नारनौल।
ये होगी पासपोर्ट प्रक्रिया
- विभाग की साइट पर लॉग इन करके फार्म भरना होगा।
- पासपोर्ट कार्यालय से आगे की कार्रवाई के लिए समय मिलेगा।
- इसके बाद जरूरी दस्तावेज के साथ तय समय पर पासपोर्ट कार्यालय में संपर्क करना होगा।
- दस्तावेजों की फोटोकॉपी और मूल प्रति लेकर जानी होगी।
- इसके बाद पुलिस वेरिफिकेशन करेगी और रिपोर्ट आगे भेजेगी।
- वेरिफिकेशन के बाद एक सप्ताह से 10 दिनों में पासपोर्ट घर आ जाएगा।