अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) महेंद्रगढ़ की हालत जर्जर बनी हुई है। हरियाणा जन्म से पहली बना आईटीआई भवन में लगभग 900 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं। आए दिन छतों से चुना झड़ता है तथा बारिश आने पर छतों से पानी भी टपकता है। प्रशिक्षणार्थियों को डर के साये में ही प्रशिक्षण लेना पड़ रहा है। हालात यह है कि पूरा भवन खंडित हो चला है। इस संदर्भ में सरकार और तकनीकि शिक्षा विभाग को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। अभी तक सरकार की ओर से अलग से आईटीआई भवन बनाने का कोई बजट जारी नहीं हुआ है।
बता दें कि हरियाणा जन्म से पहले हरियाणा पंजाब का हिस्सा होता था। महेंद्रगढ़ पंजाब रियासत से पहले पैप्सु के समय का जिला बना हुआ है। 1963 में पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार प्रताप सिंह कैरों के द्वारा 27 मई 1963 में आईटीआई भवन का शिलांयास पत्थर रखा था। लगभग दो वर्ष बाद आईटीआई का भवन बनकर तैयार हुआ। उस समय महेंद्रगढ़ आईटीआई जिले की पहली आईटीआई खुली थी। परंतु लगभग 55 वर्ष बीत जाने के बाद आईटीआई की हालत खस्ता हो गई है। वर्कशॉप पर लगे बीम जर्जर हो चुकी है तथा टीन शेड पर जगह-जगह से टूटे हुए हैं। इसके अलावा कमरों की छतों से भी चूना झड़कर गिरता है। छतों और बीमों के सरिये निकल आए हैं। खिड़की दरवाजे और रोशनदान के शीशे भी टूटे हुए हैं। आईटीआई बनने के बाद रिपेयरिंग और पुताई का काम भी एक या दो बार हो पाया है।
लगभग 900 प्रशिक्षणार्थी लेते हैं प्रशिक्षण
महेंद्रगढ़ आईटीआई में मोटर मैकेनिक, रेफ्रीजेटर इंजीनियर, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिशीयन, फीटर, टर्नर, डीएमएमसी, स्टेनो सहित 21 ट्रेड हैं। इनमें लगभग 16 एनसीवीटी तथा पंच एससीवीटी की ट्रेड हैं। इन ट्रेडों की लगभग 10 वर्कशॉप भी बनाई गई हैं। प्रथम और द्वितीय वर्ष के मिलाकर लगभग 900 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण लेते हैं। आईटीआई भवन जर्जर होने के कारण विद्यार्थियों को डर के साये में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
आईटीआई भवन को लेकर असमंजस
आईटीआई परिसर में ही प्रदेश सरकार ने 6.25 करोड़ रुपये का एससी आईटीआई भवन बनवाया है। पुरानी आईटीआई को एससी आईटीआई भवन में शिफ्ट करने के लिए प्राचार्य सुरेंद्र कुमार कौशिक ने तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक को लेटर भी डाला था। लेटर में जुलाई 2017 में अप्रूवल भी आ गई थी। परंतु उस समय तक आईटीआई भवन का उद्घाटन नहीं हुआ था। परंतु इस बार सरकार ने एससी आईटीआई कीा दो अलग से ट्रेड जारी कर दी जिसको लेकर आईटीआई प्रशासन में पुरानी आईटीआई को एससी आईटीआई में शिफ्ट करने में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वैसे अलग से भवन के लिए भी आईटीआई प्रशासन की ओर से कई बार उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है तथा जर्जर हालत के बारे में भी अवगत करवाया जा चुका है।
वर्जन
आईटीआई भवन को शिफ्ट करवाने के लिए हमने उच्च अधिकारियों को लेटर भेजा था और हमें अप्रवूल भी मिल गई थी। परंतु इस बार एससी आईटीआई के लिए सरकार ने अलग से दो ट्रेड जारी कर दी हैं। इससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जल्द ही उच्च अधिकारियों को स्थिति स्पष्ट करने के लिए लेटर भेजा जाएगा।
- सुरेंद्र कुमार कौशिक, प्राचार्य आईटीआई महेंद्रगढ़।