नपा चेयरपर्सन के घर की गली में सीवरेज ओवरफ्लो, गांधी मार्केट के दुकानदारों ने लगाया जाम
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। सीवरेज ओवरफ्लो होने के कारण गांधी मार्केट सहित नगरपालिका चेयरपर्सन के घर के सामने 15 दिनों से दूषित पानी जमा है। इस समस्या से परेशान होकर गांधी मार्केट के दुकानदारों ने रविवार को सुबह 9 से लेकर 11 बजे तक बाजार के बीच में अवरोधक रखकर जाम लगाया। दुकानदारों ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे जेई नरेंद्र तथा पुलिस कर्मचारियों ने दुकानदारों को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। इसके बाद मौके पर पहुंचे एसडीओ प्रदीप यादव ने सोमवार को सीवरेज की सफाई करवाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
दुकानदारों ने बताया कि पिछले 15 दिनों से गांधी मार्केट में सीवरेज ओवरफ्लो हो रहा है। उन्होंने बताया कि सुबह के समय जब दुकान खोलते हैं तो दुकान के बाहर गंदा पानी जमा रहता है। सीवरेज ओवरफ्लो के कारण लगभग 100 दुकानदार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पानी भरे होने के कारण ग्राहक खरीदारी करना तो दूर दुकानों पर चढ़ते ही नहीं हैं। नगरपालिका चेयरपर्सन रीना गर्ग और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। इसके बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तब उन्होंने मजबूरी में जाम लगाया है। दुकानदारों ने बताया कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को पिछले 15 दिनों से सफाई के लिए फोन कर रहे हैं। लेकिन उनकी समस्या नहीं सुनी जा रही है।
बाजार के सभी रास्तों पर रखा अवरोधक
दुकानदारों ने गांधी मार्केट से गुजरने वाले सभी रास्तों पर बाइकों, रेहड़ी, मेज तथा अन्य लोहे का सामान लगाकर जाम लगा दिया। जाम की वजह से वाहन चालकों को गलियों में गुजरना पड़ा। वहीं सड़कों पर पानी भरा रहने से पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
यहां भी है होता सीवरेज ओवरफ्लो
शहर में जगह-जगह सीवरेज व्यवस्था चरमराई हुई है। इन सीवरेज की समय पर सफाई नहीं होने के कारण भर जाते हैं। गांधी मार्केट के अलावा, राज गार्डर मैरिज पैलेस, अपटेक कम्प्यूटर सेंटर के पास, ढाल बाजार, बालाजी चौक के निकट भी सीवरेज ओवरफ्लो होने से दूषित पानी जमा रहता है।
विभाग के पास नहीं है संसाधन
नगरपालिका चेयरपर्सन रीना गर्ग के पार्षद पति सुरेंद्र बंटी ने कहा कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पास सीवरेज की सफाई के लिए संसाधन नहीं हैं। लाइन साफ करने की सुपर सकर मशीन नहीं हैं। पिकअप पर हाइड्रोलिक मशीन नहीं है। बड़ी हाइड्रोलिक मशीन खराब पड़ी है। उन्होंने बताया कि वोकट मशीन सीवरेज की गाद निकालने का कार्य करती है परंतु वो भी कभी कभार चलती है। शहर में बारिश के पानी की अलग से स्ट्रोम लाइन नहीं डाली गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सीवरेज डिस्पोजल प्वाइंट हैं। इनमें तीन मशीनें लगी हुई हैं जिनमें से दो मशीनें खराब पड़ी हैं। कई बार तो दोनों ही खराब रहती हैं। इसके अलावा सीवरेज मैन भी विभाग के पास नहीं है। केवल अस्थायी कर्मचारी से विभाग काम चला रहा है। इन संसाधनों को उपलब्ध करवाने के लिए नपा चेयरपर्सन एवं उनके द्वारा विभाग के चीफ इंजीनियर को लिखा गया है।
दुकानों में पानी घुस रहा है। दुकानदारी प्रभावित हो रही है। न्यूज पेपर में समाचार प्रकाशित हो चुका है। इसके बाद भी अधिकारी के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। इसलिए मजबूरी में हमने जाम लगाया।
-संतोष, दुकानदार
15 दिनों से सीवरेज जाम है। दुकान के बाहर दूषित पानी भरा रहता है। नगरपालिका एवं जनस्वास्थ्य विभाग को शिकायत भी की थी। परंतु सफाई नहीं की जा रही है।
-वेद प्रकाश, दुकानदार।
---------
सेफ्टी टैंक से सीवरेज का पानी 3-4 दिन में निकलवाया जाता है। परंतु अगले ही दिन स्थिति वैसी ही हो जाती है। सुबह दुकानों के बाहर दूषित पानी जमा रहता है। दूषित पानी से मक्खी, मच्छर पनपने लगे हैं। जिससे बीमारी फैलने का डर है।
-दयाशंकर कौशिक, दुकानदार।
--------------
मैंने कई बार सीवरेज की सफाई के लिए कई बार जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को फोन किया। लेकिन अधिकारी फोन ही नहीं उठाते। मैंने चीफ इंजीनियर को सफाई मशीने उपलब्ध करवाने के लिए भी लिखा है।
- रीना गर्ग, नपा चेयरपर्सन
सीवरेज ओवरफ्लो होने का मुख्य कारण नगरपालिका कार्यालय है। नगरपालिका ने नालियों का पानी सीवरेज में छोड़ रखा है। जिसकी वजह से बारिश के मौसम में कूड़ा करकट के कारण सीवरेज बंद हो जाते हैं। इन नालियों को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कटवाएगा। हाइड्रोलिक मशीन खराब हो गई थी जो ठीक होकर शाम तक आ जाएगी। इसके बाद सोमवार को सीवरेज की सफाई करवा दी जाएगी।
- प्रदीप यादव, एसडीओ, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।