गेहूं खरीद के लक्ष्य में मुश्किल
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क्षेत्र में इस बार गेहूं की फसल उम्मीद से काफी कम हुई है। यहीं कारण है कि मंडी में किसान गेहूं कम ही ला रहे हैं। कम आवक का असर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की खरीद पर भी पड़ रहा है। यहां पिछले एक पखवाडे़ में कुल दस हजार मीट्रिक टन ही गेहूं आया है। ऐसे में 15 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखने वाले खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के लिए भी यह परेशानी का सबब बन गया है।
गत वर्ष गेहूं खरीद में सतनाली अनाज मंडी जिले में दूसरे नंबर पर रही थी। ऐसी स्थिति में आगे चलकर खुले बाजार में गेहूं मंहगा होने की संभावना से ही इंकार नही किया जा सकता। सतनाली अंचल गेहूं की फसल सबसे ज्यादा होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग पिछले साल से यहां खरीद केंद्र स्थापित करते आ रहा है। यहां आढ़तियों के मार पर किसानों से गेहूं की फसल खरीदी जाती है। इससे जहां एक ओर क्षेत्र के किसानों को अपनी गेहूं की फसल अपने घर के नजदीक ही अच्छे दामों पर बेचने का अवसर प्राप्त होता है, वहीं दूसरी ओर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को भी उच्च गुणवत्ता वाला गेहूं मिल जाता है। मगर इस बार अल्पवृष्टि के कारण आसानुरूप फसल न होने से अनाज मंडी में पिछली बार जैसी रौनक दिखाई नही दे रही है। गत वर्ष विभाग ने सतनाली में 14392 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की थी वहीं इस बार 15 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के साथ खरीद करने उतरे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी टारगेट पूरा करने के लिए भी किसानों का इंतजार ही कर रहे हैं। हालांकि खरीद प्रक्रिया 15 मई तक होनी निर्धारित की गई है लेकिन पिछले तीन-चार दिनों की आवक की मात्रा को देखकर तो यही लग रहा है कि क्षेत्र का ज्यादातर गेहूं मंडी में आ चुका है । आढ़तियों के अनुसार 80 से 85 प्रतिशत गेहूं मंडी में पहुंच चुका है।
विभाग के अनुसार इस प्रकार हुई खरीद
6 अप्रैल - 30611 क्विंटल (61222 बैग)
8 अप्रैल - 10804 क्विंटल (210608 बैग)
11 अप्रैल - 32047 क्विंटल (64094 बैग)
14 अप्रैल - 18212क्विंटल (36424 बैग)
18 अप्रैल- 10998 क्विंटल (21996 बैग)
अब तक कुल -102672 क्विंटल (205344 बैग)