फोटो नंबर-01शिविर में मरीजों की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
नारनौल। देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में 100 दिवसीय निक्षय शिविर अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जिले भर में टीबी से ग्रसित मरीजों की पहचान कर समय रहते उचित उपचार किया जा सकें। शिविर में अब तक 1477 लोगों की जांच की गई हैं। केवल एक टीबी का मरीज मिला है।
जिले भर में विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाकर टीबी की जांच की जा रही है। अभियान की शुरूआत 8 नवंबर से की गई थी। 100 दिवसीय अभियान के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। शिविर में स्वास्थ्य टीम द्वारा लोगों की एक्सरे और बलगम सहित अन्य जांच की जाती है। मोबाइल एक्सरे मशीन के द्वारा शिविर में एक्सरे की जांच की जाती है।
निक्षय शिविर अभियान के 20 दिनों में जिले भर में विभिन्न स्थानों पर अब तक 41 शिविर लगाए जा चुके हैं। नवंबर के बाद शेष बचे कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई जाएगी, ताकि जिले भर में दूरदराज गांव सहित पूरे क्षेत्र के लोगों को शिविर का लाभ मिल सके।
अभियान के तहत लगाए जा रहें शिविर में अब तक 1477 लोगों की जांच की गई हैं। जिसमें से अब तक केवल एक टीबी मरीज मिला है। जिले भर में अभी 1250 टीबी से ग्रसित मरीजों का उपचार चल रहा है।
वर्जन :
टीबी के मरीजों के बेहतर उपचार के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। 100 दिवसीय निक्षय शिविर अभियान के तहत जिले भर में विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाकर लोगों की जांच की जा रही है। लोगों से अपील है कि टीबी के लक्षण या दो हफ्ते से ज्यादा खांसी होने पर बलगम की जांच कराएं।-डॉ. नवीन कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी